ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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Hindi Storyआय विल कॉल यू!— रूपा सिंहयह मोबाइल फोन युग है, और सेक्स भला इससे कैसे अछूता रह सकता है? तकनीकी सम्पन्नता के बावजूद वैश्विक अभाव इंसान को कितना विवश कर देता है, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, यह मर्म यहाँ कहानी में दीख रहा है.   प्रो रूपा सिंह अपने...
Bharat Tiwari
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कर्फ्यू— चौ. मदन मोहन समरआम जनता सिस्टम की उन नाकामियों को जिनका कारण राजनीति आदि होती हैं और जिनसे पैदा होने वाली समस्याओं से निपटारा पाना पुलिस की जिम्मेदारी हो जाता है, उसके लिए पुलिस को कटघरे में खड़ा करती है. मेरा ख़ुद का सबसे जिगरी दोस्त दिल्ली पुलिस में है, जि...
Bharat Tiwari
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दंगा भेजियो मौला— अनिल यादव हिंदी कहानीकोरोना की तालाबंदी में क़ैद पाठक को अनिल यादव की हिंदी कहानी 'दंगा भेजियो मौला' उनमें से एक सिरा पकड़ा सकती है जो उसे अपनी वर्तमान लाचार और बेबस हालत के होने का कारण दिखा सकता है और बता सकती है कि उस कारण में उसका क्या...
Bharat Tiwari
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भारत विभाजन का दर्दएक सिलसिले का अंत— वीना करमचंदाणीवीना करमचंदाणी की कवितायेँ शब्दांकन पर पहले प्रकाशित हुई हैं. पिछले दिनों जयपुर की यात्रा के दौरान उनसे जवाहर कला केंद्र में छोटी-सी मुलाक़ात भी हुई. इधर जब विभाजन से जुड़ा साहित्य शब्दांकन पर उन्होंने पढ़ा तो उ...
Bharat Tiwari
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शिवानी की कहानी — नथपिछली सदी से जारी स्त्री स्वाधीनता की खामोश लड़ाई की कहानी  - मृणाल पांडे आज की पीढ़ी को, जो सोशल मीडिया पर अपनी लेखकीय ढोल पिटाई के बीच बड़ी हो रही है, बताना ज़रूरी है कि प्रेमचंद ने मार्क्स को खुश करने, निराला ने अपनी जयंती मनवाने या नि...
Bharat Tiwari
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निर्मल वर्मा की बुक मेरी प्रिय कहानियाँ  से कहानीडेढ़ इंच ऊपरNirmal Verma Booksनिर्मल वर्मा की बुक 'मेरी प्रिय कहानियाँ' की कहानी ‘डेढ़ इंच ऊपर’ पढ़िए और हिंदी कहानी के इस महानायक की मायावी लेखन क्षमता का स्वाद लीजिये। कहानी में जगह-जगह आपको मिलेंगे मानव ज...
rishabh shukla
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नेता जी के आगमन पर शर्मा जी ने प्रसन्नता के भाव चेहरे पर लाते हुए कहा - "अद्भुत संयोग है की नेता जी स्वयं यहाँ पधारे|"चौबे जी पास में खड़े थे उन्होंने कहा - "यह सच में अद्भुत संयोग ही है की नेता जी चुनाव के बाद पधारे| शायद यह इतिहास में पहली बार हो रहा है|"यह चित्र...
rishabh shukla
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इत्ती सी खुशीअचानक दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी, रुची ने जाकर दरवाज़ा खोला तो स्तब्ध रह गयी| लेकिन यह क्या, ये तो वही व्यक्ती है जिनसे रुची कल मिली थी| इससे पहले की वो कुछ कह पाते की रुची बोल पड़ी - "मैने क्या किया साहब? मुझे आपका बटुआ रास्ते पर पड़ा मिला था| मै...
rishabh shukla
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मेरे मन की शर्मा जी अभी-अभी रेलवे स्टेशन पर पहुँचे ही थे। शर्मा जी पेशे से मुंबई मे रेलवे मे ही स्टेशन मास्टर थे। गर्मीकी छुट्टी चल रही थी इसलिए वह शि...
rishabh shukla
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Mere Man Keeएक दिन सहसा जब उमेश देर रात को घर आया तो मैंने देखा तो उसका पाँच साल का बेटा रोहन टी.वी. पर अपने मनपसंद कार्टून देख रहा था। उमेश ने अंदर जाकर उसकी पत्नी निशा ...