ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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कल शाम दफ्तर से लौट कर हेयर कटिंग करवाने चला गया. पहले से फोन पर एप से रिजर्वेशन करा लिया था तो तुरंत ही नम्बर आ गया. दिन भर दफ्तर की थकान, फिर लौटते वक्त ट्रेन में भी कुछ ज्यादा भीड़ और उस पर से बरफ भी गिर रही थी तो मोटा भारी जैकेट. जैकेट उतार कर जरा आराम मिला नाई...
समीर लाल
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जबसे इन्टरनेट और व्हाटसएप की दुनिया आबाद हुई है मानो दुनिया ही बदल गई है. जो जैसा दिखता है वो वैसा होता नहीं है. या यूँ कहें जो जैसा होता है वैसा दिखता नहीं है.अपवादों को छोड़ दें तो आभासी दुनिया में सेल्फी ने सेल्फ कॉन्फिडेन्स बूस्टर का काम किया है. जीरो सेल्फी में...
समीर लाल
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एक चायनीज़ सर्वे के मुताबिक २०१९ लोकसभा चुनाव में राहुल जी सबसे लोकप्रिय नेता के रुप में उभर कर आ रहे हैं और उनका प्रधान मंत्री बनना तय है. ८७% का रुझान है. जनता मन बना चुकी है. बहुत बड़े बदलाव के संकेत हैं. तिवारी जी पान की दुकान पर बैठे घंसु को बता रहे हैं.आंतरिक स...
समीर लाल
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नये नये कनाडा आये थे. जब पहली बार अपने एक नये गोरे दोस्त के मूँह से सुना था कि इस बार वीक एण्ड पर वो अपनी मम्मी और उनके बॉय फेण्ड के घर डिनर पर जायेगा तो बड़ा अजीब सा लगा था. हम जिस संस्कृति और जो देखते हुए बड़े होते हैं, उसी के आधार पर हर बात का एक निश्चित खाका दिमा...
समीर लाल
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अच्छा हुआ शेक्सपियर मौका देख कर १६१६ में ही निकल लिए. अगर आज होते और भारत में रह रहे होते तो देशद्रोही ठहरा दिये गये होते और कुछ लोग उन्हें बोरिया बिस्तर बाँध कर पाकिस्तान जाने की सलाह दे रहे होते. ये भी कोई बात हुई कि कह दिया ’नाम में क्या रखा है, गर गुलाब को हम क...
समीर लाल
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यह तय बात है कि हर जीव का सम्मान होना चाहिये, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष. इससे भला कौन न सहमत होगा? अतः पहले ही बता दूँ कि मैं मीटू हैशटैग (#MeToo) के साथ हूँ जब तक की उसका इस्तेमाल अति के लिये न हो और दोनों तरफ से हो. फिलहाल तो दिखता है कि मीटू सिर्फ लड़कियों के एक...
समीर लाल
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यूँ तो हर त्यौहारों पर घर की सफाई की परम्परा रही है किन्तु दीवाली पर इस साफ सफाई का जोश कई गुणित रहता है. कहते हैं कि लक्ष्मी जी आती हैं और अगर घर में गंदगी देखती हैं तो बिना कृपा बरसाये लौट जाती हैं. ऐसे में भला कौन रिस्क ले कि सिर्फ गंदगी के कारण धन दौलत मिलने का...
समीर लाल
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चुनाव में हार जीत का निर्धारण मुद्दे करते हैं. हर चुनाव के पहले न जाने कैसे एक ऐसा मुद्दा फूट पड़ता है जो चुनाव की दिशा निर्धारित कर देता है. अच्छी खासी चलती सरकार न जाने क्यूँ एकाएक पांचवे साल में विपक्ष को एक ऐसा मुद्दा दे देती है कि खुद का बना बनाया मजबूत किला ने...
समीर लाल
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जिस तरह हर पर्व की एक अलग पहचान होती है, वैसे ही चुनाव की भी है. यह लोकतंत्र का एक बड़ा पर्व है. बताते हैं इस दौरान पूर्व चयनित नेता नगर वापस लौटता है. उसके भीतर का पिछले चुनाव जीतने के बाद से मर चुका इंसान पुनः अगली जीत तक के लिए जीवित हो जाता है. वह एकाएक जेड सुरक...
समीर लाल
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तिवारी जी का पुराना बकाया है घंसू पर. आज जब तिवारी जी ने पुनः तकादा किया तो घंसू भड़क उठे. उधार का व्यवहार ही यह है कि जब अपना ही पैसा वापस मांगो तो भीखमंगे से बत्तर नजर आते हो.क्या मतलब है तिवारी जी आपका? कोई भागे जा रहे हैं क्या? तिवारी जी भी गुस्से में आ गये बोले...