ब्लॉगसेतु

समीर लाल
80
मास्साब कक्षा चौथी के बच्चों को पढ़ा रहे हैं. दीवाली असत्य पर सत्य की विजय का त्यौहार है. दीवाली पर खूब साफ सफाई कर दीपक जलाये जाते हैं. रोशनी की झालर लगा कर अंधेरे को भगाया जाता है. दीवाली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है. दीवाली पर लक्ष्मी गणेश की पूजा की  जाती ह...
समीर लाल
80
हर चीज़ जो होती है वो दिखे भी- ऐसा तो कतई ज़रूरी नहीं है. आप ही देखें कि हवा होती तो है लेकिन दिखती कहाँ है? खुशबू होती तो है मगर दिखती कहाँ है? मोहब्बत होती तो है मगर दिखती कहाँ है? यह सब बस अहसास करने की, महसूस करने की बातें हैं.संभव है कि एक स्थान पर खड़े सभी लोग...
समीर लाल
80
वक्त कितनी तेजी से बदलता है और वक्त के साथ ही मान्यतायें और परिभाषायें भी बदलती जाती हैं.कभी तमाम सरकारी दफ्तरों में जब बापू यानि गाँधी जी की तस्वीरें लगाई गई थीं तब उसके पीछे सोच यह रही होगी कि अधिकारी एवं नेता गाँधी की तस्वीर को रोज देखेंगे और उनसे सादा जीवन एवं...
समीर लाल
80
पिछले साल जब बिहार में शराब बंदी लागू की गई थी तब खबर आई थी कि जब्त की गई ९ लाख लीटर शराब जो पुलिस के माल खाने में रखी गई थी उसके निरक्षण हेतु जब बड़े अधिकारी निकले तो सारी बोतलें खाली मिली. अव्वल तो थानों में जब्ति का सामान रखने की जगह का नाम ही ऐसा रखा गया है कि ’...
समीर लाल
80
सुना कि बुलेट ट्रेन आने वाली है अतः इसी घोषणा के साथ बुलेट गति से उपजे विचार बुलेट पाईंट में आपकी खिदमत में पेश किये जा रहे हैं:·         बुलेट ट्रेन में एक डिब्बा मुंबई लोकल टाईप स्टैंडिंग का भी रहेगा. कुल दो घंटे की तो बात...
समीर लाल
80
दैनिक निपटान के लिए पटरी के किनारे बैठे घंसु और बिस्सु नित क्रिया कर्म के साथ नित देश की बनती बिगड़ती स्थितियों पर विमर्श भी कर लिया करते हैं. बैठे हैं तो बातचीत भी की जाये की तर्ज पर. यूँ भी देश में अधिकतर निर्णय इसी तर्ज पर लिए जा रहे हैं.आज घंसु ज्यादा चिन्तित दि...
समीर लाल
80
सन १९७६ के आसपास की है यह बात...अखबार में उनकी एक कहानी छपी जो अंततः उनकी एकमात्र कहानी बन कर रह गई. उनका कहना है कि बहुत चर्चित रही..अतः आपने पढ़ी ही होगी ऐसा मैं मान लेता हूँ..वो राज हंस वाली, जिसमें एक राज हंस होता है और वो तीन बंदर जिनको वो राज हंस चुनावी मंच पर...
समीर लाल
80
जिस देश में लोग जी डी पी की कमी बेशी को भी गणपति देवा का प्रसाद मान कर ग्रहण कर लेते हों, वह किसी की मार्फत विकास की राह तके, अजब लगता है.ऐसे में विकास भी गणपति देवा के हाथों में ही छोड़ दिया जाना चाहिये. पान के ठेले पर खड़े ज्ञान बांटते हुए भक्त बता रहे थे कि जीडीपी...
समीर लाल
80
सबसे पहले उनसे क्षमायाचना जो सचमुच के बाबा हैं. वो इस आलेख के सिलेबस में नहीं हैं. वैसे इतना कहकर अगर इनसे हाथ खड़े करवाये जायें कि बताओ कौन कौन इसके सिलेबस में नहीं हैं तो सभी बाबा हाथ खड़े कर देंगे मगर अगर इनके कर्मों से हाथ उठवाया जाये तो सारे सिलेबस में ही नजर आय...
समीर लाल
80
आज जुगलबंदी का विषय ’हवा’ था. हवा जब आक्सीजन सिलेंडर से हवा हो जाती है तब गोरखपुर जैसी हृदय विदारक घटना घटित होती है जिसमें ६२ बच्चे अपनी जान से हाथ धो बैठेते हैं और कारण पता चलता है कि सिलेंडर सप्लाई करने वाली कम्पनी को पेमेंट नहीं किया गया था अतः सिलेंडर भरे नहीं...