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Bharat Tiwari
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फ़ोटो: भरत एस तिवारीकहानीकृश्न चन्दरजी का कालजयी व्यंग्य 'एक गधे की आत्मकथा' अभी इसलिए याद आ रहा है कि हिंदी को अच्छी-अच्छी कहानियों से समृद बना रही युवा कहानीकार योगिता यादव की कहानी 'ये गई रात के किस्‍से हैं ' पढ़ने के बाद यह अहसास अभी तक बना हुआ है कि कहानी 'एक पत...
Bharat Tiwari
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निदा फ़ाज़ली के शायरी से इतर— अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वालेगर्मी है. बच्चों की छुट्टी है. आज सूरज को दिल्ली को ४० डिग्री के ऊपर तपाते हुए चौथा दिन है. बच्चों के साथ कमरे में मैं और सिम्बा गर्मी से वातानुकूलित माहौल में आराम से बैठे हैं. आरुषि ने फिनिय...
Bharat Tiwari
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'वागर्थ' में प्रकाशित अनुज की कहानी 'पंजा'vagarth hindi magazine me prakashitलूटमार की बुराई समाज के सामने लाने वाला साहित्य लूटमार को ग्लोरीफाई करेगा क्या? लूटमार से जुड़ी घटनाओं को उसकी नग्नावस्था में पाठक के सामने रखा जाये तो उसे डरावना-लेखन (हॉरर) कहा जाए कि साह...
 पोस्ट लेवल : Anuj कहानी Kahani अनुज
Bharat Tiwari
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लप्रेक – है क्या यह? पढ़िए मुकेश कुमार सिन्हा की तीन लघु प्रेम कहानियाँउम्मीद शायद सतरंगी या लाल फ्रॉक के साथ, वैसे रंग के ही फीते से गुंथी लड़की की मुस्कुराहटों को देख कर मर मिटना या इंद्रधनुषी खुशियों की थी, जो स्मृतियों में एकदम से कुलबुलाई।मॉनसूनमेघों को भी...
Bharat Tiwari
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आजकल की कहानियों के साथ किये जाने वाले प्रयोगों — जो अधिकांशतः असफल होते हैं — ने कहानी-कला का नुक्सान अवश्य किया होगा. लचर होती जाती कहानियाँ और उनसे लदेफदे अखबार और अनजान पत्रिकाएं  हिंदी साहित्य की धता उतारने में व्यस्त हैं. इनसब के बीच अच्छी कहानियाँ...
Bharat Tiwari
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योगिता यादवबदलते समय पर कहानी — बन्‍नो बिगड़ गई — योगिता यादवबिगड़ना और सुधरना का माने वक़्त के साथ बदलता जाता है। कहानी कहे जाने का अंदाज़ भी इस वक़्त के बदलने के साथ बदलना चाहिए। ‘बन्‍नो बिगड़ गई’ कहानी में इन बदलावों को योगिता यादव ने जिस महकते चुहल के साथ अपनाया है...
sanjiv verma salil
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बुंदेली कहानीकचोंटडॉ. सुमन श्रीवास्तव*सत्तनारान तिबारीजी बराण्डा में बैठे मिसराजी के घर की तरपीं देख रअे ते और उनें कल्ल की खुसयाली सिनेमा की रील घाईं दिखा रईं तीं। मिसराजी के इंजीनियर लड़का रघबंस को ब्याओ आपीसर कालोनी के अवस्थी तैसीलदार की बिटिया के संगें तै हो गओ...
sanjiv verma salil
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बुंदेली कहानीस्वयंसिद्धाडॉ. सुमन श्रीवास्तव*पंडत कपिलनरायन मिसरा कोंरजा में संसकिरित बिद्यालय के अध्यापक हते। सूदो सरल गउ सुभाव। सदा सरबदा पान की लाली सें रचौ, हँसत मुस्कात मुँह। एकइ बिटिया, निरमला, देखबे दिखाबे में और बोलचाल में बिलकुल ‘निर्मला’। मिसराजी मोड़ी के म...
sanjiv verma salil
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बुंदेली कथा ४बाप भलो नें भैया*एक जागीर खों जागीरदार भौतई परतापी, बहादुर, धर्मात्मा और दयालु हतो।बा धन-दौलत-जायदाद की देख-रेख जा समज कें करता हतो के जे सब जनता के काजे है।रोज सकारे उठ खें नहाबे-धोबे, पूजा-पाठ करबे और खेतें में जा खें काम-काज करबे में लगो रैत तो।बा क...
 पोस्ट लेवल : बुंदेली कथा bundeli kahani
sanjiv verma salil
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बुंदेली कहानीसमझदारी*आज-काल की नईं, बात भौर दिनन की है।अपने जा बुंदेलखंड में चन्देलन की तूती बोलत हती।सकल परजा भाई-चारे कें संगै सुख-चैन सें रैत ती।सेर और बुकरियाँ एकई घाट पै पानी पियत ते।राजा की मरजी के बगैर नें तो पत्ता फरकत तो, नें चिरइया पर फड़फड़ाउत ती।सो ऊ राजा...