ब्लॉगसेतु

Rahul singh
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आन्तरिक  प्रेरणाएक  लड़का  रोज  क्रिकेट  खेलने  की  प्रैक्टिस  करने  लगातार   जाता  था ,  लेकिन  वह  कभी  टीम  में   शामिल  नहीं  हो  सका ।  जब  वह &n...
Rahul singh
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 सच्ची मदद एक   छोटी  चिड़िया उड़ान  भरने  की  कोशिश. करती लेकिन  बार-बार  कुछ  ऊपर उठकर. गिर  जाती। दूर  से  एक अनजान  चिड़िया   अपने  मित्र  के  साथ &nbs...
shivraj gujar
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एक आठ साल की बच्ची पलक के बस में जिंदा जल जाने की खबर ने अंदर तक हिला कर रख दिया। खबर यूं थी कि -बच्ची ने पिता द्वारा सिगरेट के पैकेट के साथ छोड़ी गई माचिस के साथ बाल-सुलभ छेडख़ानी की। तीली जली, मजा आया और वो खेलने लगी। खेल-खेल में कब कपड़ों में आग लगी पता नहीं चला।...
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Rahul singh
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  जिंदगी का हुनर एक  पत्नी  ने  अपने  पति  से  आग्रह  किया  कि  वह  उसकी  छह  कमियां  बताएं  जिन्हें  सुधारने  से  वह  बेहतर  पत्नी  बन  जाए। पति...
Rahul singh
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 कौन हो तुम ?एक  बच्चा अपने पापा के साथ पिकनिक मनाने गया।गर्मियों की छुट्टियां थीं तो सोचा क्यों ना कुछ समय प्रकृति के नजदीक शांति में गुजारा जाये। यही  सोचकर उन्होंने कहीं पहाड़ों पे घूमने का प्लान बनाया। सामान पैक करके पिता और पुत्र दोनों पिकनिक के...
Rahul singh
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दोस्ती Tag :-really heart touching story,short heart touching stories in Hindi heart touching short sad stories ,short heart touching stories ,heart touching true story,really heart touching story in hindi,heart touching stories ,.एक दिन एक वयक्ति   अस्पत...
shivraj gujar
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अमूमन मैं शादियों में बहुत कम जाता हूं, मगर इस बार श्रीमती जी अड़ गर्इं। कहने लगीं 'आपको चलना ही पड़ेगा। वह मेरी मुंह बोली बहन है और फिर आपकी भी तो कुछ लगती है।' बात में दम था। मैं बेदम हो गया। खैर! मैं भी तैयार होकर हो लिया साथ श्रीमती जी के शादी में शरीक होने के लि...
 पोस्ट लेवल : shivraj gujar short story laghu kahani
Ratan Singh Shekhawat
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A Hindi Story on Veer Shiromanhi Durgadas Rathore By lt.Kr.Ayuvan Singh Shekhawat, Hudeel“शायद आश्विन के नौरात्र थे वे । पिताजी घर के सामने के कच्चे चबूतरे पर शस्त्रों को फैला कर बैठे हुए थे । उनके हाथ में चाँदी के मूठ की एक तलवार थी जिस पर वे घी मल रहे थे । माताजी...
Ratan Singh Shekhawat
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मारवाड़ का इतिहास वीरों की गाथाओं से भरा पड़ा है। वीरता किसी कि बपौती नहीं रही। इतिहास गवाह है कि आम राजपूत से लेकर खास तक ने अप सरजमीं के लिए सर कटा दिया। लेकिन इसे विडम्बना ही कहेंगे कि इतिहास में ज्यादातर उन्हीं वीरों की स्थान मिल पाया जो किसी न किसी रूप में खास...
Ratan Singh Shekhawat
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भाग-३ से आगे...............पंवारजी तुमने अन्तिम समय में मुझे परास्त कर दिया। मैं भगवान सूर्य की साक्षी देकर प्रतिज्ञा करता हूँ कि तुम्हारे चूड़े के सम्मान को तनिक भी ठेस नहीं पहुँचने ढूँगा।" बोली पंवारजी ने सब शास्त्रीय विधियों को पूर्ण किया और फिर पति से हाथ जोड...