ब्लॉगसेतु

Rahul singh
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swami vivekananda ,thoughts of swami vivekananda in hindi,swami vivekanandaspeech in hindi and quotes,swami vivekananda in hindi ,Swami Vivekananda Life in Hindiस्वामी विवेकानंदसन्  1902  में , एक  professor  ने  अपने  छात्र &nbsp...
समीर लाल
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अच्छे दिन आने वाले है! अच्छे दिन आने वाले हैं! वो रोज रोज सुनता तो था मगर दिन था कि वैसे ही निकलता जैसे पहले निकलता था. कई बार तो वो सुबह जल्दी जाग जाता कि कहीं अच्छे दिन आकर लौट न जायें और उसकी मुलाकात ही न हो पाये. मगर अच्छे दिन का कुछ अता पता न चला और देखते सु...
समीर लाल
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पापा, ये अंकल तो देश का विकास करने वाले थे फिर बार बार विदेश क्यूँ चले जाते हैं? बेटा, वो क्या है न, कहते हैं विदेश में संभावना बसती है, उसी को तलाशने जाते हैं. अरे, संभावना तो फ्रेन्डस कॉलोनी में रहती है. मेरे साथ पढ़ती है मेरे स्कूल में. वो तो कभी विदेश गई भी नह...
समीर लाल
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अभी लम्हा पहले, जैसे ही अपने थके शरीर को कुछ आराम देने की एक ख्वाहिश लिए उसने पलंग पर लेट आँख मूँदी ही थी कि उसे लगा कि मानो कई सारी रेलगाड़ियाँ धड़धड़ाती हुई उसके मकान के नीचे से गुजरी हों...आँख खोली तो देखा पूरा मकान और उसकी हर दीवार उस धड़धड़ाहट से जैसे काँप उठी हो...
Aritra Sarkar
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यह कदंब का पेड़  - सुभद्रा कुमारी चौहानSubhadra Kumari Chauhan - Wikipedia, the free encyclopediaयह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरेमैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरेले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वालीकिसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डालीतुम्हे...
समीर लाल
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दफ्तर आते जाते अक्सर ही ट्रेन की उपरी मंजिल में बैठ जाता हूं. घोषित ’शांत क्षेत्र’ है अर्थात आपसी बातचीत, फोन आदि की अनुमति नहीं है. अक्सर मरघट की सी शांति की बात याद आती है इस जगह. मगर जब आप किसी से बात नहीं कर रहे होते तो मन के भीतर ही भीतर कितनी सारी बातचीत कर र...
Aritra Sarkar
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एक किसान हमेशा एक बेकर को एक पाउंड मक्खन बेचा करता था. एक दिन बेकर ने यह निर्णय लिया की वह किसान के द्वारा दिए गए मक्खन का वजन करके यह देखेगा कि किसान मक्खन सही एक पाउंड दे रहा है की नहीं. और उसे वजन करने पे पता चला कि किसान उसे कम मक्खन देता था. इससे वह बेकर गुस्स...
Aritra Sarkar
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एक किसान के पास एक कुत्ता था जो हर रोज़ सड़क के किनारे वाहनों का इंतज़ार करता था. जैसे ही कोई गाड़ी वहां से गुज़रता, वह कुत्ता भोकते हुए दोढ़कर उस गाड़ी की ओर जाता और उससे आगे निकलने की कोशिश करता. एक दिन एक पड़ोसी उस किसान से पूछ पढ़ा " क्या आपको लगता है , कि वो कुत्ता कभी...
Rahul singh
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एक  औरत  अपने  परिवार  के  सदस्यों  के  लिए रोजाना  भोजन  पकाती  थी  और  एक  रोटी  वह  वहां से  गुजरने  वाले  किसी  भी  भूखे  के  लिए  पकाती  थी|...
Rahul singh
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 अटूट  विश्वास एक  बार  एक  छोटी  लङकी  अपने  पापा  के  साथ जा  रही थी। रास्ते  मेँ  एक  पुल  आया, पानी  बहुत तेजी  से  बह  रहा  था।पापा:  बेटी  ङरो &...