ब्लॉगसेतु

Pawan Kumar Sharma
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         आखिर 'लव' में ऐसा क्या है जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी मिस्ट्री माना गया है। अपने प्रेमी के लिए ललक ऐसी चीज है, जिसने वैज्ञानिकों को भी लम्बे वक्त तक हैरान किया है। प्यार करने वालों के बीच इस पागलपन का कारण जानने के लिए जाने कित...
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Pawan Kumar Sharma
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दिल्ली पर्यटन विभाग संजय झील में पानी की व्यवस्था तो कर नहीं पाया है, अलबत्ता विभाग ने पांच नई बोट जरूर खरीद ली हैं संजय झील में चलाने के लिए। दिल्ली पर्यटन विभाग संजय झील को सजाने की तो सोच रहा है, मगर विभाग की ओर से सूखी हुई इस झील में फिर से पानी लाने के कोई प्र...
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Pawan Kumar Sharma
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जीवन में जब सब कुछ एक साथ और जल्दी - जल्दी करने की इच्छा होती है , सबकुछ तेजी से पा लेने की इच्छा होती है , और हमें लगने लगता है कि दिन केचौबीस घंटे भी कम पड़ते हैं , उस समय ये बोध कथा , " काँच की बरनी और दोकप चाय " हमें याद आती है ।दर्शनशास्त्र के एक प्रोफ़ेसर कक्...
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वंदना अवस्थी दुबे
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सारा कमरा बनारसी साड़ियों, सूट के कपड़ों, बच्चों के कपड़ों, शाल, स्वेटर और जेवरों से अटा पड़ा था.बहुत प्यारी-प्यारी साड़ियाँ थी नीले रंग की कांजीवरम साड़ी तो बहुत ही प्यारी थी. मनीष, निशि , रीना और सीमा इन चारों के ऊपर कपड़े खरीदने की ज़िम्मेदारी थी, जिसे इन लोगों...
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Pawan Kumar Sharma
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दरवाजे पर दो कच्चे बांस, कफन और धूप-दीप पडा देखकर पडोसी समझ गये यहां कोई मरा है। लेकिन अंदर से कोई रोने-गाने की आवाज नहीं आ रही थी। पडोसियों को आश्चर्य हुआ और जिज्ञासा भी कि मौत के माहौल में भी लोग शांत रह लेते हैं। एक घंटा के अंदर पडोसी बिना बुलाए मंहगाई की त...
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वंदना अवस्थी दुबे
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"बडकी, टेबल पे नाश्ता तो लगा दो; बारात लौटने से पहले सब कम से कम नाश्ता ही कर लें.....""बडकी ...... बड़ी जीजी को गरम पानी नहीं दिया क्या? कब नहायेंगीं ? बारात आने ही वाली है..........""बडकी....परछन का थाल तैयार किया या नहीं ?.....दुल्हन दरवाजे पर आ जायेगी तब करोगी क...
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Pawan Kumar Sharma
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भले ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार देने के सरकार दावे करता रहे, लेकिन हकीकत आज भी इन दावों को कोसो दूर है। देश में महिलाओं को हालात में सुधार की गति दावों के बहुत कम है। यही कारण है कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाएं आज भी समाज में अपना अस्तित्व बनाए हुए है...
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Pawan Kumar Sharma
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सड़क पर दो कुत्ते आपस में लड़ रहे थे। पास के दुकानदार को नागवार गुजरा। उसने आवाज देकर कुत्तों को भगाना चाहा, पर कुत्ते लड़ते-भौकते ही रहे। तब दुकानदार ने सड़क से एक बड़ा-सा पत्थर उठाया और चला दिया उन कुत्तों पर। इसके पहले कि उन्हे पत्थर लगता वे दोनों रफूचक्कर हो...
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Pawan Kumar Sharma
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वह किसी कार्यवश अपने मित्र रमन के घर गया था। घर पर रमन मौजूद नहीं था। शायद रमन और उसकी पत्नी किसी कारण बाहर गये हों, यह सोचकर वह रमन की बीमार वृद्ध मां की ओर चला गया जो आंदर खाट पर आंखें मूंदे लेटी हुई थीं।आहट होने पर वह बोलीं, 'आ गये रमन बेटा।' तो उसने कहा कि, 'मै...
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Pawan Kumar Sharma
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विदाई के समय मां ने दीक्षा को समझाया- ''बेटी अपने ससुराल वालों का ख्याल रखना। आज से वही तेरा घर है। हर सुख-दु:ख में उनका साथ देना। उनकी इज्जात ही तेरी इज्जात है।'' मां के बताए संस्कारों और अपने मधुर स्वभाव से दीक्षा ने ससुराल में सभी का दिल जीत लिया।हंसते-गाते कब ए...
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