ब्लॉगसेतु

Mahesh Barmate
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लिखी थी कहानी तेरे नाम कीमुझमे थी ज़िंदगानी तेरे नाम की हवा में ठंडक, फिजा में रंगत और चुनरी थी धानी तेरे नाम की गुलों में गुलाब, मयखाने में शराबसाकी भी थी दीवानी तेरे नाम की पुकारता चला था मैं, हर गली, हर शहर लबों पे थी कहानी तेरे नाम की एक कहानी, तू पगली दीवानी मे...
Mahesh Barmate
386
जो छुपा ही नहीं उसे कैसे करूँ उजागर मेरी हकीकत आ जान ले तूएक बार मेरे करीब आकर।के मेरी कहानी एक खुली किताबजिसमें हैं कुछ भेद और कुछ राज़ बेहिसाब ।हर पन्ने की हकीकत को जरा नजदीक से तू पढ़ और फिर जो है सच्ची कहानी तू अपनी जुबानी ख्वाबों में तू गढ़। तेरी रूह का नूर और मे...
Alpana Verma
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भावनाएँ? भ्रमजाल है माया!-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------लगता  है कुछ ठहरा हुआ सा है .ज़िन्दगी मानो एक धुरी पर घूमते घूमते रुक गयी है .ठिठक कर जैसे कोई पथिक आस-पास देखने लग...
 पोस्ट लेवल : गद्य kahani अल्पना वर्मा
Manav Mehta
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मानो इक ही कहानी का हक़दार था मैं...साल दर साल गुजरते गए,हर लम्हे को पीछे छोड़ा मैंने,मगर आज तक ये मलाल है मुझको,कि मेरी जिंदगी कि किताब के हर सफ्हे पर;एक सी ही लिखावट नज़र आई है मुझे...गम ; अफ़्सुर्दगी ; रंज ; और तन्हाई;बस इन्ही लकीरों में जिया जाता हूँ हर लम्हा.....
 पोस्ट लेवल : coffin kahani poem nazm tanhai manav mehta
Alpana Verma
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यह एक ऐसी शृंखला शुरू की है  जिसमें  ऐसी बातें /घटनाएँ/किस्से  जो पहले सुने -कहे न गए हों ,हमारे आस-पास ,हमारे परिचितों या उनके सम्बन्धी/दोस्तों के साथ हुई बातें /घटनाएँ हों...इसकी -उसकी /इस से -उस से सुनी बातें...स्टाफ रूम की गप-शप इसका -उसका हाले द...
Alpana Verma
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कहानी कहना मुझे बहुत अच्छा तो नहीं आता,लेकिन प्रयास कर रही हूँ ,एक ऐसी शृंखला शुरू करने की जिस में  ऐसी बातें /घटनाएँ/किस्से  जो पहले सुने -कहे न गए हों ,हमारे आस-पास ,हमारे परिचितों या उनके सम्बन्धी/दोस्तों के साथ हुई बातें /घटनाएँ हों...इसकी -उसकी /इस स...
Dr. Zakir Ali Rajnish
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बाएं से: डॉ0 जाकिर अली रजनीश, डॉ0 सुधाकर अदीब, श्रीमती उषा सक्‍सेना, डॉ0 हेमंत कुमारआजकल के बच्‍चे समझदार ही नहीं होशियार भी हैं। वे न सिर्फ समय की नब्‍ज को पहचानते हैं, बल्कि उसके अनुसार निर्णय लेने के लिए भी तत्‍पर रहते हैं। इसकी ताजा मिसाल मिली दिनांक 27 सितम्‍ब...
रेखा श्रीवास्तव
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पूर्व कथा : छः माह के बेटे को लेकर राशि अपनी माँ के घर आ गयी थी और फिर यही उसका निधन भी हुआ बेटे को अपने पास रख कर उसने सोचा कि वह जीत गयी लेकिन अपनी झूठे अहंकार के चलाते वह उसे स्वीकार न कर सकी जिसको उसे करना चाहिए था। उसने झुकाना नहीं सीखा था और पाती ने हालात...
 पोस्ट लेवल : kahani with copy right
Indu Puri  Goswami
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 मेरी,आपकी, हमारी सभी की बेटियों की तरह ...नाम ..? कुछ भी हो सकता है, क्या नाम बताउं उसका ? कुछ भी रख दीजिए ,बेटी तो बस बेटी होती है.अच्छी,बुरी, आँखे गर्व से ऊँची कर देने वाली&nbsp...
 पोस्ट लेवल : sansmaran urmila ek aurt ki kahani
रेखा श्रीवास्तव
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पूरे मोहल्ले में यह खबर बिजली की तरह से फैल गयी कि बनारस में नीतू के फूफाजी का अचानकनिधन हो गया। मोहल्ले के बड़े बुजुर्गों ने तो उनका बचपन भी देखा था और फिर व्याह, बच्चे सभी कुछ तो सबकेसामने हुआ किन्तु सावित्री जैसा भाग्य किसी ने किसी...
 पोस्ट लेवल : kahani with copy right