ब्लॉगसेतु

Mahesh Barmate
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"एकता, जो कल तक आकाश के साथ अक्सर दिखाई देती थी, आज तन्हाइयों ने उसे कुछ इस तरह घेर लिया है की दोस्तों की महफ़िल में भी वो अकेली दिखाई देती है. आज वो सच में बहुत अकेली और उदास हो गयी है. कारण है - आकाश की अचानक हुई सड़क दुर्घटना में मौत... एकता और आकाश एक दुसर...
 पोस्ट लेवल : hindi story बेवफा hindi bewafa pyaar hindi kahani pyar
रेखा श्रीवास्तव
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पूर्वकथा : निमिषा एक असामान्य शारीरिक संरचना का शिकार लड़की , जो आई आई टी से अंग्रेजी में पी एच डी कर रही थी। अपनी इस कमजोरी के करण उसे उपहास का पात्र बनाया करते थे लोग। समाज कि दृष्टि से ऐसी लड़की से कौन शादी करेगा? इसका भविष्य क्या होगा किन्तु वह अपनी इसी कमजो...
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रेखा श्रीवास्तव
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कुछ ही दिन पहले वह मुझे नर्सिंग होम कि लिफ्ट में टकरा गयी। एक लम्बे अरसे बाद मिली । सारी चीजेंवही लेकिन बस चेहरे से उम्र झलकने लगी थी और हो भी क्यों न करीब १९ वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद वह मुझे मिलीथी। इस बीच कभी उसकी कोई सहेली...
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रेखा श्रीवास्तव
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पूर्व कथा: एक धनी परिवार की बेटी और धनी परिवार की बहू अनु पारिवारिक षड़यंत्र का शिकार हुई। बच्चों सहित कई साल मायके रही औरजब लाया गया टो घर में नहीं घुसने दिया गया। कुछ दिन चाचा के घर रही और फिर वापस मायके। एक परित्यक्ता के दुःख को भोगा उ...
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रेखा श्रीवास्तव
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पूर्वकथा: आशु एक डी एम का बेटा , जो अपनी माँ के निधन के बाद नाना नानी के यहाँ रहा। अपनी पहली पोस्टिंग वाली जगह पर सौतेले भाई से मिला , खून के रिश्ते ने उसको मजबूर कर दिया कि वह उसके लिए कुछ करे , नितिन का भविष्य बनने के लिए अपनी ओर से प्रयास...
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रेखा श्रीवास्तव
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      पूर्वकथा :                आशु एक डी एम का बेटा जो अपनी माँ की मौत के बाद नाना नानी के घर पला . पिता और सौतेली माँ के एक्सीडेंट में निधन के बाद उसने खुद पापा की तरह आई ए...
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रेखा श्रीवास्तव
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            पिछला  कथा सारांश    --                          &nbs...
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रेखा श्रीवास्तव
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निवेदन : एक लम्बे अन्तराल के बाद कहानी की अगली कड़ी दे रही हूँ क्योंकि इस कथा के  वास्तविक अंत के इन्तजार में थी और कई बार मेरे पहले दिए गए निर्णय ही किसी का सत्य बन चुके हैं सो नहीं चाहती थी कि फिर ऐसा हो. इस विलम्ब के लिए क्षमा.*******************************...
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रेखा श्रीवास्तव
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                                 नितिन के  इस तरह से मेरे जीवन में प्रवेश से मेरे जीवन में और मानसिक...
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रेखा श्रीवास्तव
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           मैं फ़ोन करते करते थक गया लेकिन दीदी ने नहीं उठाया तो मैंने सोचा कि  उसको फिर कर लेता हूँ और मैंने अपने मित्र के यहाँ जाने का प्रोग्राम बनाया और निकल  गया. लेकिन क्या मन में चल रहे द्वंद्व को मै...
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