ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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दुनिया में आदमियों की दुनिया में औरतों की दुनिया... सवालों को टटोलती वरिष्ठ कथाकार मैत्रेयी पुष्पा की लेखनीपगला गई है भागवती!...मैत्रेयी पुष्पाकाम से उचटकर भागो की निगाह हवेली पर पड़ती है तो अपनी ही गली अनपहचान-सी मालूम होती है। रेत-भरी डगर पर दूधिया रोशनी...
Bharat Tiwari
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योगिता यादव की लेखनी को मैं सदैव कहानी की विषयवस्तु को बिलकुल ताज़ा लिखने वाली मानता हूँ ,'नई देह में नए देस में' उन्होंने मेरी यह धारणा और मजबूत की हैं, उन्हें बधाई देता हूँ.भरत एस तिवारी "दो औरतें जब आपस में मिलना चाहती हों तो उन्‍हें मिलने देना चाहिए। किसी को भी...
Bharat Tiwari
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एक बेहतरीन कहानी जैसे 'आवारा मसीहा' ...उसमें उसको ढूँढने की कोशिश में— मधु कांकरिया कुछ यादें बड़ी ढीठ होती हैं। अनजाने अनचाहे ही घर बना लेती हैं आपके भीतर और घरवाले की तरह हुकूमत करने लगती है। लाडो की याद भी शायद ऐसी ही थी। पता ही नहीं चला कब घर बना लिया था उस...
Bharat Tiwari
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अब अब्बा टीवी नहीं देखते, अख़बार पढ़ना भी इन दिनों छूट गया है। दुकान से लौटकर अम्मी के पास बैठे ज़रूर रहते हैं लेकिन बोलते कुछ नहीं। चुपचाप काली खिडकियों से बाहर न दीखती किसी चीज़ को देखते हैं। कभी-कभी उसे लगता है जैसे वे मन ही मन कुछ कहते हैं जो काँच से टकरा उन तक लौट...
Bhavana Lalwani
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मुझे यात्राओं का कोई बहुत ज्यादा मौका नहीं मिला है; पुराने ज़माने के लोगों की तरह मेरी यात्रा भी छुट्टियों में ननिहाल जाने या बहुत हुआ तो किसी और रिश्तेदार के यहां जाने तक का एक सीमित अनुभव है ।  पर इस सीमित यात्रा में भी जो कभी रो...
Bharat Tiwari
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नरम घास, चिड़िया और नींद में मछलियां— उमा शंकर चौधरीकहानीकार को 'नरम घास, चिड़िया और नींद में मछलियां' कहानी कह पाने की बधाई से अधिक शुक्रिया देना चाहिए, जिसमें कहानीकार साहित्यकार बन जाता है और साहित्य का धर्म ‘सच बताना और सच बचाना’ निभाता है. हम सब अपनी जड़ को भूल न...
Bharat Tiwari
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दुष्यंत की कहानी: तीसरे कमरे की छत, पांचवीं सीढ़ी और बारहवां सपनामानव पीड़ाएँ अगर प्राकृतिक हो सकती हैं और अपने ऊपर कहानियाँ लिखवा सकती हैं तो प्रकृति की पीड़ाओं का कारण मानव हो सकता है, रही बात उनपर कहानियाँ लिखे जाने की, तो, कवियों को यह वाली पीड़ा दिखती सताती रही...
Bharat Tiwari
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"जाति एक सच है परंतु उस के भीतर वर्ग भी साँस लेता है, किसी गर्भस्थ शिशु की तरह।", दलित साहित्य का स्वरूप निखारती, अजय नावरिया की रोचक रूमानी कहानी "आवरण"पाठक हो या समाज, उसे अपने पड़ोसी पाठक और पड़ोसी समाज के उत्थान और पतन दोनों के विषय का जानकार होना, अपडेटेड रहना उ...
Dinesh Dhakar
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एक चित्रकार-Hindi Story एक बार की बात हैं एक शहर में एक बहुत ही मशहूर चित्रकार रहता था। एक दिन उस चित्रकार ने एक बहुत खूबसूरत तस्वीर बनाई और उसे शहर के बीच चौराहे पर लगा दिया और नीचे लिखा कि जिसको जहाँ भी इस तस्वीर में कोई कमी नजर आये तो वो वहाँ निशान ल...
Bharat Tiwari
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धामा अपने गुस्से को छिपाकर अचानक संयत हो गया. उसने कपट की अधिकता से हल्की हो गई आवाज में कहा, "देख रहे हैं सर...आप भी देखते जाइए. याद करिएगा...राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान 2019 : अनिल यादव की कहानी "गौसेवक " इस कहानी को २०१९ का हंस कथा सम्मान दिए जाते समय जो ब...