ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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दोहा सलिला *कर अव्यक्त को व्यक्त हम, रचते नव 'साहित्य' भगवद-मूल्यों का भजन, बने भाव-आदित्य .मन से मन सेतु बन, 'भाषा' गहती भावकहे कहानी ज़िंदगी, रचकर नये रचाव.भाव-सुमन शत गूँथते, पात्र शब्द कर डोरपाठक पढ़-सुन रो-हँसे, मन में भाव अँजोर.किस सा कौन कहाँ-कह...
Bharat Tiwari
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कितना बदल जाती है धरती और कितना बदल जाता है आसमान सिर्फ चंद लकीरें खींच देने से।...ज्योति चावला, कहानी: चाबी, घर और अंधेराकहानी पढ़ना शुरू किये जाने से पहले, यदि अपने आप को,  पाठक यह याद दिला दे कि, ‘कहानी कैसी है’, यह पाठक कहानी के शुरुआती सौ-पचास शब्द, एक-आध...
sanjiv verma salil
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एक रचना -कौन?*कौन रचेगा राम-कहानी?कौन कहेगा कृष्ण-कथाएँ??खुशियों की खेती अनसिंचित, सिंचित खरपतवार व्यथाएँ। *खेत कारखाने-कॉलोनी बनकर, बिना मौत मरते हैं।असुर हुए इंसान,न दाना-पानी खा,दौलत चरते हैं। वन भेजी जाती सीताएँ, मन्दिर पुजतीं शूर्पणखाएँ। कौन रचेगा राम-कहानी?कौ...
Ratan Singh Shekhawat
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मौसम विभाग, भारत के पूर्व महानिदेशक ड़ा.लक्ष्मण सिंह राठौड़ की कलम से....स्वामी सम्पूर्णानन्द बाल्यकाल से ही शुक्र-ज्ञानी तथा वाकपटु थे| माँ-बाप का दिया नाम कोजा राम था| प्यार से लोग उन्हें कोजिया बुलाते थे| पर वे अपने आप को बचपन से ही सुन्दर व सम्पूर्ण मानते थे| इसल...
 पोस्ट लेवल : Rajasthani Kahaniya
shivraj gujar
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शिवराज गूजर हे भगवान कौन से जन्मों के पापों की सजा दे रहा है मुझे ? यह गंदगी भी मेरी छाती पर ही छोड़नी थी। पूरा घर गंदगी से भर दिया इस बुढ़िया ने। बीमार सास को गालियां देते हुए नाक बंद कर घर में घुसती मिसेज शर्मा नौकरानी पर चिल्लाई ।कांताबाई ! अरी कहा...
Bharat Tiwari
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छोटू — लव तोमरLuv Tomarभारी-भरकम पढ़ते पढ़ते हम ज़रूर किसी वजन-तले हो जाते हैं, यही कारण है कि ऐसे में कुछ ऐसा जो अच्छा साहित्य हो लेकिन जो गरिष्ठ नहीं हो, पढ़ने का मन होता है। लव तोमर की प्रस्तुत कहानी इस वर्ग की एक खूबसूरत कहानी है। उदयीमान युवा लेखक ल...
 पोस्ट लेवल : कहानी लव तोमर Lav Tomar Kahani
Ratan Singh Shekhawat
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पिछला का शेष.....बाईजीराज चिंता में पड़ गए- "किसको ओळ में रखूं ? और किसी को ओळ में रखे बिना सिंधी मानने वाले नहीं|"बाईजीराज के पास ही उनके छोटे पुत्र भीमसिंघजी जो उस समय मात्र छ: वर्ष के थे बैठे ये सब सुन रहे थे| उनके दूध के दांत भी नहीं टूटे थे| उन्होंने मां के गल...
 पोस्ट लेवल : Glorious History Rajasthani Kahaniya
Bhavana Lalwani
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दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट  "फ्लाइट  आने में अभी और कितनी देर है ?" उसने अपने आप से पूछा। सिक्योरिटी चेक का कॉल आने पर थोड़ी राहत महसूस हुई।  अचानक ये मुल्क, ये खूबसूरत आसमान छूता,  सपनों की दुनिया जैसा ये शहर ,  अब उसके लिए बिलकुल अजनबी ह...
sanjiv verma salil
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कृति चर्चा: 'पराई जमीन पर उगे पेड़' मन की तहें टटोलती कहानियाँ चर्चाकार: आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*[कृति विवरण: 'पराई जमीन पर उगे पेड़, कहानी संग्रह, विनीता राहुरीकर, प्रथम संस्करण, २०१३, आकार २२ से. मी. x १४ से. मी., आवरण बहुरंगी, सजिल्द जैकेट सहित, &...
Bhavana Lalwani
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कहानियां लिखे एक  अरसा बीत गया है. पहले कहानियां  अपने आप दिमाग की फैक्ट्री से बनकर आती और  यहां की बोर्ड पर टाइप हो जातीं। अब फैक्ट्री बंद है और चालू  होने के ऐसे कोई आसार भी  नहीं दिखते। फिर भी यूँही रस्ते चलते, घूमते ...