साल था १६४५, पुणे से नजदीक लगभग ५००० फिट ऊंचाईपर रायरेश्वर का स्वयंभू शिवलिंग हे. उस दिन कुछ १५-१६ साल के लड़के रायरेश्वर के दर्शन लेने आये थे. उन्होंने रायरेश्वर को साक्षी मानकर कसम खाई .... वो कसम थी हिन्दू राष्ट्र निर्माण की .... हिन्दवी स्वराज्य के निर्माण कि .....