ब्लॉगसेतु

Yash Rawat
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क्‍या होता अगर जो पूरी दिल्‍ली लुटियन जोन होतीहर तरफ चौड़ी-चौड़ी पेड़ों से ढकी सड़कें होती,सब तरफ हरियाली ही हरियाली होतीना तो माचिस के डिबियों जैसे मकान होते हर तरफ खुली-खुली जगह होतीना यूं उबलते उफनते गटर ही होतेन इतनी संकरी बदबूदार गलियां होतीक्‍या होता अगर जो पूरी...
Yash Rawat
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मैं कलयुगी भक्‍त हूं, भगवान, देवी-देवता तय नहीं हैं, सभी की पूजा करता हूं, प्रात: काल उठने के बाद पूरे दो घंटे तक पूजा-पाठ करता हूं। मेरा एक मंदिर भी है! मेरा मतलब, मैं उसका कर्ता-धर्ता हूं। मंदिर कैसे बना इसके पीछे की कहानी बड़ी रोचक है!मैं कर्जदारों की धमकियों और...