ब्लॉगसेतु

Dinesh Dhakar
0
Importance of Goal in Life in Hindi Table of Contents Importance of Goal in Life in Hindiजीवन में लक्ष्य का होना क्यों जरूरी है लक्ष्य आखिर होता क्या हैलक्ष्य का होना क्यों जरूरी है1. अपने ऊर्जा का सही उपयोग करने के लिए2. सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए3. काम में...
Roli Dixit
0
(१) प्रेम जो प्रेमिका को खाता हैउसके हाथों ने छत नहीं अचानक आसमान को छू लिया. नए-नए प्रेम का असर दिख गया. ढीठ मन सप्तम स्वर में गा दिया गोया दुनिया को जताना चाह रही हो कि अब तो उसका जहाँ, प्रेम की मखमली जमीन है बस क्योंकि प्रेम उरूज़ पर था.फिर एक रोज चौखट पर रखा दिय...
MediaLink Ravinder
0
 जो भाग्य में नहीं लिखा होता वह भी मिलने लगता है  इस प्रतीकात्मक तस्वीर को अभिनव गोस्वामी ने 11 नवम्बर 2015 को सुबह 11:16 पर क्लिक कियाअध्यात्मिक दुनिया: 07 जुलाई 2020: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::सत्य विपरीत रूपों में भी सत्य ही रहता है। कभी कभीं उसके व...
 पोस्ट लेवल : Divine Way of Life Blessings Sant Spiritual God
अपर्णा त्रिपाठी
0
चांद की तरह वो अक्सर, बदल जाते हैं।मतलब अली काम होते निकल जाते हैं॥स्वाद रिश्तों का कडवा, कहीं हो जाय नाछोटे मोटे से कंकड, यूं ही निगल जाते हैशौक तिललियों का हमने पाला ही नहींबस दुआ सलाम करके निकल जाते हैंहौसले की पतवार हों, हाथों में जिनके।तूफानों में भी वो लोग, स...
 पोस्ट लेवल : #life #humanity #love
अपर्णा त्रिपाठी
0
कह दो जो मन में तेरे, नदियों को बह जाने दो मत रोक उसे जो जाता है, जो आता है आने दो दो चार दिनों का मेला है, रुकना है निकलना है तोडो रस्मों की जंजीरे, उजले कल को आने दो छोटी छोटी सी बातों में, उलझों ना दुनियादारी में कदम बढा जग जीतो, जो खोया खो जाने दोखुशी और गम दोन...
 पोस्ट लेवल : #life #hope
अपर्णा त्रिपाठी
0
रिया और समीर मूवी देखकर लौट रहे थे, कि अचानक रिया की नजर सडक से लगी हुई एक नर्सरी पर पडी। उसे और समीर दोनो को ही पेडों का बहुत शौक था, मगर अभी तक वो एक छोटे से फ्लैट में रहते थे, जिससे पेड पौधे लगाने का अरमान बस सोच ही बन कर रह गया था। उसने समीर से कहा- सुनो, देखो...
 पोस्ट लेवल : #बागबान #bagaban #life
अपर्णा त्रिपाठी
0
पहन लेती वो खामोशी, जब नाशाद होती है।तहजीबें हार जातीं, जब हया बर्बाद होती है॥देखे इन आंखों ने, सरहदों जमीं के बटवारें।हर खबरो बवालों की, इक मियाद होती है॥चढा कितनीं ही चादर, बांध मन्नत के धागे।कहाँ कबूल हर छोटी बडी, फरियाद होती है॥घडी दो घडी भर के, ये मातम, ये मला...
 पोस्ट लेवल : #society #life
अपर्णा त्रिपाठी
0
दिन इक और जिया या गुजरा, मालूम नहीखुद से खुश हूं या खफा खफा, मालूम नहीसांसे घडी घडी देतीं, गवाही जिन्दगी कीकितना जिंदा हूँ कितना मरा, मालूम नहीखरीदी फकीर से कुछ दुआएं,हमने भीहुआ सौदे में घाटा या नफा,मालूम नहीं छोड पायल उसने, पैरों में घुंघरू पहनेमहज शौक है या इक़्त...
 पोस्ट लेवल : #duniyadari #life #love
अपर्णा त्रिपाठी
0
कर यकीं बन्द मुट्ठी की ताकत परसहारा औरों का करना छोड़ भी देखुश रखना खुद को तेरी जिम्मेदारीये रोना धोना सिसकना छोड़ भी देचांद का झूला महज किताबी कहानीजज़्बातों में बहके रहना छोड़ भी देहोते नहीं ख्वाब ख्यालों से मुकम्मललकीरें ताबीजें आजमाना छोड़ भी देबेमतलब के रिश्ते...
 पोस्ट लेवल : #Relation #life #duniya
Bhavana Lalwani
0
"दो सदियों के संगम पर मिलने आये हैं, एक समय लेकिन दो सदियां , दो सदियां ". "तुम गाने भी इतने बोरिंग और डिप्रेसिंग किस्म के गाती  हो कि  मेरा मन होता है  कि अभी यहां से भाग जाऊं !!""क्यों, इतना अच्छा गाना है।  तुम्हें क्य...