ब्लॉगसेतु

MediaLink Ravinder
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मार्क्सवादियों ने भी इस खूबसूरत विचार को एक धंधा बना दिया है - भैया ये मार्क्सवाद क्या है?- इसके लिए कुछ आसान से सवालों के जवाब देने होंगे।  दोगे ?- हां भैया।  बिल्कुल। - अच्छा, बताओ..हमारे देश में एक तरफ अम्बानी जैसे अमीर हैं तो दूसरी तरफ...
दिनेशराय द्विवेदी
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"वैज्ञानिक भौतिकवाद" राहुल सांकृत्यायन की महत्वपूर्ण पुस्तक है, उस में भौतिकवाद को समझाते हुए राहुल जी ने भाववादी दर्शनों की जो आलोचना की है वह पढ़ने योग्य है, इस में ज्ञान के साथ साथ हमें भाषा के सौंदर्य का भी आनन्द प्राप्त होता है और व्यंग्य की धार भी। यहाँ...
Sanjay  Grover
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जेएनयूवादियों को दुआ/प्रार्थना करते देखा तो दो पुराने फ़ेसबुक स्टेटस याद आ गए-1.पंडित जवाहरलाल नेहरु जे एन यू के छात्र थे। यही वजह है कि उन्होंने एक प्रगतिशील विचारधारा की नींव रखी। वरना और किसी तरह यह संभव नहीं था।02-08-2013(on पागलखाना facebook)2.जेएनयू से मेरे भी...
rambilas garg
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      सीपीएम के कोलकाता प्लेनम के दौरान वक्त की जरूरत के हिसाब से राज्यों में दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करने के संकेत दिए गए हैं। इसके साथ ही उसकी इस रणनीति पर सवालों और आलोचनाओं की बाढ़ आ गयी है। खासकर कांग्रेस के साथ बंगाल में गठबंधन क...
Sanjay  Grover
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If you want to do something forcefully with someone, do it with his/her consent at least.          (liberal philosophy of sledgehammers/decent thugs)                   Feb 27,...
 पोस्ट लेवल : Myths Media consent Marxism Racism tweets God liberal philosophy
दिनेशराय द्विवेदी
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बहुत लोग हैं जो मार्क्सवाद पर उसे बिना जाने बात करते हैं।  उन्हें लगता है कि मार्क्सवाद को समझना कठिन है या वह बहुत विस्तृत है उस में सर कौन खपाए। लेकिन मार्क्सवाद को समझना कठिन नहीं है। यूँ तो किसी भी दर्शन को समझने के लिए बहुत कुछ करना होता है। इसे यूँ समझ ल...