चित्र साभार- Cosmo Times   आज रोज जैसा नजारा नहीं है किले के बाहर । हमेशा मंथर गति से चलने वाला निकटतम आस-पास का परिवेश आज कुछ गतिमान है । न केवल कुछ ज्यादा लोग चले आए हैं, बल्कि अभी भी चले आ रहे हैं । दोपहर होते-होते अर्द्ध-निद्रा को प्राप्त हो जाने वाले...