ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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DP Tripathi Dies, DP Tripathi, a big literary figure of politics, Senior NCP Leader Passes awayहाल ही में हिंदी को वर्तमान राजनीति में उसके सबसे बड़े साहित्यप्रेमी देवी प्रसाद त्रिपाठी के निधन का सामना करना पड़ा है.  प्रखर युवा कहानीकार भूमिका द्विवेदी अश्क के उ...
Sanjay  Grover
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मज़े की बात है कि जब प्रशंसा में तालियां बजतीं हैं तब आदमी नहीं देखता कि तालियां बजानेवालों की भीड़ कैसे लोंगों के मिलने से बनी है !? उसमें पॉकेटमार हैं कि ब्लैकमेलर हैं कि हत्यारे हैं कि बलात्कारी हैं कि नपुंसक हैं कि बेईमान हैं कि.......लेकिन जैसे ही इसका उल्टा कुछ...
Bharat Tiwari
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रवींद्र कालिया की कहानियों से मैं चमत्कृत था; उनकी भाषा, उनका यथार्थ के प्रति सुलूक, उनकी मध्यवर्गीय भावुकताविहीनता, उनका खिलंदड़ा अंदाज, इन सब तत्वों ने मुझ पर असर डाला था । दूसरी बात यह कि जब कोई नया लेखक किसी बड़े साहित्यकार के निकट होता है तो वह उसकी श्रेष्ठता...
Bharat Tiwari
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अधिकतर ऐसा ही हुआ : कोई कालिया जी मिला और उनका होकर ही रुखसत हुआ । उनका अत्यंत महत्वपूर्ण लेखक होना, आकर्षक अनोखा व्यक्तित्व, उनका वातावरण में देर तक गूंजते रहने वाला ठहाका, बढ़िया आवाज और कथन में अप्रत्याशितता, चुस्ती, यारबाशी, चुटीलेपन का सम्मिश्रण - ये सब तत्व म...
Bharat Tiwari
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कृष्णा सोबती: प्रतिरोध की आवाज़ [krishna sobti jivan parichay in hindi]—ओम थानवी कृष्णाजी से पाठक के नाते मेरा रिश्ता पुराना था। दिल्ली आने के बाद कुँवर नारायण, कृष्ण बलदेव वैद, राजेंद्र यादव, निर्मल वर्मा, केदारनाथ सिंह, अशोक वाजपेयी आदि से तो जल्द निकट के स...
Bharat Tiwari
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जीवन का मर्म कानून से नहीं समझा जा सकता — मधु कांकरिया | Photo: Bharat S Tiwariजीवन का मर्म... रेखाचित्र और संस्मरण में अंतर समझाती मधु कांकरिया की लेखनी  मधु कांकरिया— जीवन का मर्म कानून से नहीं समझा जा सकतावहां का सख्त कानून जो मां पर भी विश्वास नहीं क...
Bharat Tiwari
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हिन्दी रेखाचित्र : रोहिणी अग्रवाल — दादी की खटोली में आसमान का चंदोवा  हिन्दी रेखाचित्र : रोहिणी अग्रवाल — दादी की खटोली में आसमान का चंदोवा लेकिन मां के लिए एक कोना भी नहीं। मां की निजी जरूरतों के लिए! एकांत पाकर अपने चित्त को सुस्थिर करने के लिए! बर्तनो...
Bharat Tiwari
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छोड़ आये हम वो गलियाँ — पार्ट 2 — ममता कालिया  इलाहाबाद के मटुकनाथ के मुंह पर न तो स्याही मली न ही दूधनाथ की पत्नी निर्मला ने उनकी सार्वजनिक पिटाई की हालांकि ...(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || [...
Bharat Tiwari
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आज गुलज़ार साहब के जन्मदिन पर, उन्हें और उनके चाहने वालों को ढेरों मुबारकबाद के साथ...गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous PoemsIf you love #gulzar saab, get a copy of #IndiaInside, annual literary issue. And see and read my photo-essay, a mémoire th...
Bharat Tiwari
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जब दिग्गजों को छोड़कर, रवींद्र कालिया ने तय किया तो कॉफी हाउस में हलचल मच गई गुजरे जमाने का शहर — ममता कालियापत्नी के साथ अमरकांत एक समय था कि इलाहाबाद हिंदी साहित्य का सबसे बड़ा तीर्थ था। उसकी चमक, ठसक, शान और शोहरत का लोहा चतुर्दिक था। बड़ी बात यह कि...