ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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शिवानी की कहानी — नथपिछली सदी से जारी स्त्री स्वाधीनता की खामोश लड़ाई की कहानी  - मृणाल पांडे आज की पीढ़ी को, जो सोशल मीडिया पर अपनी लेखकीय ढोल पिटाई के बीच बड़ी हो रही है, बताना ज़रूरी है कि प्रेमचंद ने मार्क्स को खुश करने, निराला ने अपनी जयंती मनवाने या नि...
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देवदत्त पटनायक की वर्तिका का बल पांडित्य बघारने पर केंद्रित नहीं — मृणाल पाण्डेगैर-राजनीतिक इरादे से देसी परंपरा को हिंदी में समझना-समझाना,अंग्रेजी में व्याख्या करने से कहीं जटिल बन चला है — मृणाल पाण्डे'हंस' जून 2018 (adsbygoogle = window.adsbygoog...
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मृणाल पांडे के उपन्यास का अंशकहते हैं ऐसा लिखिए जो पहले न लिखा गया हो, जो बिलकुल नया हो...इस कहे को सुने तो सारा हिंदी-साहित्य-वर्ग है लेकिन किये कितना है, वह भूतकाल में मिलता है। मृणाल पांडे को पढ़ना हर बार उस भूत को वर्तमान में दिखा जाता है। इतनी ज़बरदस्त शैली, ऐस...
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रामकथा के जितने रूप हैं उतनी ही तरह के विवरण त्रेतायुग के भी हैं— मृणाल पाण्डे 2010 के आसपास दिल्ली वि.वि. में इतिहास, ऑनर्स पाठ्यक्रम से हटा दिये गये रामायण विषयक एक लेख पर भी बवाल मचा था। सुप्रसिद्ध साहित्यकार और अनुवादक डॉ रामानुजम् का यह जानामाना लेख – थ्र...
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भारत एक नदी मातृक देश है। यहाँ की तमाम बड़ी छोटी नदियों ने ही अपने अपने तटों पर हज़ारों बरसों से नाना सभ्यताओं और परंपराओं को उपजाया और सींचा है। बचपन से ही हर बच्चा सप्तमहानदियों का गुण गान सुनता है, जब जब कोई जन किसी भी देवप्रतिमा का पवित्र जल से अभिषेक करे। ...
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मृणाल पाण्डे 2017 के लिये एक नीति कथा जीएसटी...इस तामझाम में खर्च हुए जन-धन जैसे मुद्दे भले कुछ दिन में बिला जायें, पर तय है कि देश 2017 द्वारा विमोचित कुछ अन्य बडी चुनौतियों की चर्चा से काफी महीनों तक बरी नहीं हो पायेगा — मृणाल पाण्डे  &nb...
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भूगर्भीय जलभंडार तेज़ी से छीज रहा है— मृणाल पाण्डेजहाँ पहले 50 फुट पर पानी मिल जाता था, पानी निकालने को 700 से हज़ार फीट तक बोरिंग ज़रूरी है। इस देश का सबसे पुराना और सबसे गहरा रागात्मक रिश्ता अगर किसी से रहा है, तो अपने जलस्रोतों से। अपनी नदियों को इस कृषि प...
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अथ दरिद्र-पुरुष आख्यान मृणाल पाण्डे (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); कोसल और मगध अगल बगल के सम्पन्न राज्य थे जिनके बीच विकट स्पर्धा और हिरस थी। मगध ईर्ष्यावश कोसल का किया अनकिया करने की ताक में रहता था, और उसी तरह कोसलिये भी मगध...
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पाँच राज्यों के विधान सभा चुनाव नतीजे — मृणाल पाण्डेमोदीजी की उत्तरप्रदेश विजय, बीजेपी का मणिपुर-गोवा पर धावा, देशवासियों की वर्तमान सोच और भूतकाल की पुनरावृत्ति... वो बातें जो मृणाल पाण्डे की राजनीतिक आँखें देख, कान सुन और दिमाग साध पा रहा है, उन्हें बता कर...
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फिचकुर नाहक न उगलें — मृणाल पाण्डेउच्चशिक्षा के बहुत मेहनत और अध्यवसाय से उत्कृष्ट बनाए गए केंद्रों से दुश्मनों सरीखा बैर पाल बैठना गलत और शिक्षा के लिए घातक है।  (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); कहना कठिन है कि जेएनयू के कमउम्र...