ब्लॉगसेतु

आदित्य सिन्हा
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दर्द का रिश्ता।  ख़ुशी। .... ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं,ख़ुशी के लिए - हम क्यों मरते रहते हैं,दर्द। दर्द जब जरूरी है, उसका ही रिश्ता सच्चा रिश्ता होता है।ख़ुशी के लिए, हम क्यों मरते रहते हैं, माँ। माँ बनना है, एक सुखद अनुभूती है ,गोद...
आदित्य सिन्हा
567
D for Death - Death is the beginningAditya Sinha04.04.2020
आदित्य सिन्हा
567
C for Clandestine RelationshipAditya Sinha
 पोस्ट लेवल : Cladestine Relationship C # A to Z Challenge #A to Z Poetry
आदित्य सिन्हा
730
चुंबनC for Chumbanआदित्य सिन्हा03.04.2020
 पोस्ट लेवल : चुंबन C for Chumban Kiss #A to Z Challenge Poetry
Bharat Tiwari
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हिंदी पोएट्री: नौ नवम्बर व अन्य अनामिका अनु की कवितायेँHindi Poetry, Anamika Anu.अनामिका अनु की इन कविताओं को आपके सामने लाने के पहले कई-कई दफ़ा पढ़ा है। हिंदी कविता के साथ यह बहुत खूबसूरत घटना घट रही है जब उसकी कविता को ऐसी एक नई आवाज़ मिल रही है जो पर...
Jot Chahal
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GET FULL BOOK HERE ਕਵਿਤਾ ਦਾ ਨਾਮ:ਕੁੜੀਆਂ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰਲੇਖਕ ਦਾ ਨਾਮ: ਰਣਜੋਤਸਿੰਘPoetry Name: Respect for WomenPoet/writer Name: Ranjot Singh**ਕੁੜੀਆਂ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰ**ਮੁੰਡਿਆਂ ਦਾ ਦਰਜ਼ਾ ਕੁੜੀਆਂ ਨੂੰ ਦੇਣ ਵਾਲਿਓਜ਼ਰਾ ਏਸ ਵਲ ਝਾਤੀ ਵੀ ਮਾਰ ਲਵੋਅੱਜ ਕਿਥੇ ਰਹਿ ਗਈਆਂ ਕੁੜੀਆਂਕੁਝ ਬਾਹਰ ਜਾਣ ਤੋਂ ਡਰਦੀਆਂ...
MediaLink Ravinder
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लेकिन कामरेड समता तदबीरों को छोड़ कर लकीरों की तरफ क्यूं?लुधियाना: 30 मार्च 2020: (रेक्टर कथूरिया//हिंदी स्क्रीन)::जब जब भी मुलाकात हुई मुझे हर बार जसप्रीत कौर समता वाम विचारधारा से प्रभावित लडकी लगी।  कभी कभी तो मुझे उस पर यह प्रभाव जनून की हद तक भी महसूस...
Vidyut Maurya
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छह साल की मुनिया पकड़े हाथअंतहीन सड़क पर चला जा रहा है बृजमोहनन जाने की कितने दिन में पहुंचेगा अपने गांव उस शहर को वह पीछे छोड़ आया है जहां दिन भर पसीना बहाकर जुटाता था अपने घर वालों के लिए निवाला।लोगों ने बताया था किसी अदृश्य बीमारी से दुनिया डरी हुई हैतब बहुत याद...
 पोस्ट लेवल : POETRY
Bharat Tiwari
20
अच्छी कवितायेँHindi Poetryयुद्ध में हूँजीवट की यह बेला हैहर योद्धा युद्ध में अकेला हैसुदूर कहीं, गिरी-कंदराओं मेंदिव्यदीप की खोज में हूँखिंची धनुष की प्रत्यंचा परनये नुकीले तीर में हूँपूर्वजों से चली आईधारदार शमशीर में हूँतुम गा रही हो विरह के गीत युद्ध और विर...
Vidyut Maurya
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उन्होंने ही तोतुम्हारे घर की दीवार जोड़ी थीजिस आलीशान अपार्टमेट में तुम आज रहते होउसका रंग रोगनउन्होंने ही तो किया थातुम्हारे घर की बिजली जब जबखराब है जाती हैतुम्हारे नालियां जब जब जाम हो जाती हैंवे ही तो ठीक करने आते हैं। इस महानगर में कदम कदम पर तुम्हारी सहा...
 पोस्ट लेवल : POETRY