ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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जिम्मेदारियों के तले एक पिता,पूरा जीवन गुजार देता है।स्वयं कठिनाईयों को सहकर,अपनी संतान का जीवन संवार देता है।अपनी संतान का स्वप्न पूरा करने को,स्वयं की इच्छाओं त्याग देता है।करके कठिन परिश्रम वो,नई आंखों को ख़्वाब देता है।कभी हार नही मानता वो,किस्मत से भी लड़ जाता ह...
Yashoda Agrawal
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परिवार की धुरी का एक पहिया है पिता,जो कभी रुकता नही है।रहता हमेशा चलायमान,जो कभी थकता नही है।कंधे पर जिम्मेदारियां लाख होने पर भी,माथे पर शिकन कभी रखता नही है।दुःख कितने भी हो उसपर,पर उनको कभी गिनता नही है।संतान की खुशियों के खातिर,आंखों को कभी नम करता नही है।पिता...
 पोस्ट लेवल : निधि अग्रवाल Poetryadventure
MediaLink Ravinder
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आपके दिलों पर दस्तक देगा यह आयोजन तांकि आप जाग सकेंलुधियाना: 03 मार्च 2020: (हिंदी स्क्रीन ब्यूरो)::समय की नब्ज़ पर हाथ रख कर उसे पहचानना और अगर सब कुछ विपरीत भी चल रहा हो तब भी अपने निश्चित उद्देश्य की ओर आगे बढ़ना सभी के बस में नहीं होता। अँधियों के...
 पोस्ट लेवल : Jaspreet Kaur Falak Hindi Whatsapp Events Poetry
Sanjay  Grover
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ग़ज़लअपनी तरह का जब भी उन्हें माफ़िया मिलाबोले उछलके देखो कैसा काफ़िया मिलाफ़िर नस्ल-वर्ण-दल्ले हैं इंसान पे काबिज़यूँ जंगली शहर में मुझे हाशिया मिलामुझतक कब उनके शहर में आती थी ढंग से डाकयां ख़बर तक न मिल सकी, वां डाकिया मिलाजब मेरे जामे-मय में मिलाया सभी ने ज़ह्रतो तू...
Jot Chahal
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मुझे प्यास बना लोएक अहसास बना लोजिसके बिना ना जी पाओअपनी जान बना लोअपने दिल की आवाज बना लोऔर मुझे अपना अल्फाज बना लोधड़कता रहूं तुम्हारे दिल में हर पलअपनी धड़कन बना लोइस तरह बसा लो मुझे आंखों मेंएक प्यारा ख्वाब बना लोमुझे सारी दुनिया से छुपा लोऔर एक राज बना लोजब आए...
 पोस्ट लेवल : Ranjot Singh Poetry
MediaLink Ravinder
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पड़ी मुश्किल तो देखा हर चवन्नी खर्च कर बैठे!जमा पूंजी बहुत थी पर सभी हम खर्च कर बैठे!लड़कपन भी, जवानी भी, बुढापा खर्च कर बैठे!कमाया था बहुत सम्भाल न पाए मगर हम सब,पड़ी मुश्किल तो देखा हर चवन्नी खर्च कर बैठे!मोहब्बत ने कहा था मान लो मेरा कहा अब तो,कहा माना मगर दिल और द...
 पोस्ट लेवल : Hindi Your Quotes Rector Kathuria Poetry
Jot Chahal
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"ਕਨੈਡਾ ਜਾਣ ਦਾ ਸੁਪਨਾ"ਜਾਣਾ ਜਾਣਾ ਕਹਿੰਦਾ ਸੀ, ਅੱਜ ਆ ਕੇ ਮੈਂ ਵੇਖ ਲਿਆ,ਕੀ ਖੱਟਿਆ, ਕੀ ਗੁਆਇਆ, ਕੀ ਪਾਇਆ , ਕੀ ਹੰਢਾਇਆ, ਅੱਜ ਆ ਕੇ ਮੈਂ ਵੇਖ ਲਿਆ ,,,,ਉਦੋਂ ਦਿਲ ਕਰਦਾ ਸੀ ਪਿੰਡ ਛੱਡ ਦੇਣਾ ਮੈਂ,ਹੁਣ ਦਿਲ ਕਰਦਾ ਵਾਪਸ ਹੈ ਜਾਣਾ ਮੈਂ,,,,ਚੰਦਰੀ ਕੈਨੇਡਾ ਲੈ ਕੇ ਬਹਿ ਗਈ ਸਾਰੇ ਖ਼ਾਬਾਂ ਨੂੰ,,ਪਿੰਡ ਦੀ ਹੈ ਯਾਦ ਆਉਂਦੀ , ਰੋਂ...
 पोस्ट लेवल : Ranjot Singh Punjabi Poetry
MediaLink Ravinder
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क्या बतलायें  कैसे हमपे  दुनिया के सब वार चले!दोधारी तलवार था जीवन फिर भी हम हर बार चले!मौत से आँख मिलाई हमने तांकि घर संसार चले!आग का इक दरिया था जीवन फिर भी हमने कदम रखा;तांकि शायद सकूं का जीवन हमको भी उस पार मिले! किस...
MediaLink Ravinder
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28th January 2020 at 4:59 PM IDPD के डाक्टर अरुण मित्रा और उनकी टीम की चेतावनी लुधियाना: 28 जनवरी 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: महंगाई, गरीबी और आर्थिक मंडी की हकीकत को छुपाने के लिए फिर से एक शोर मचाया जा रहा है ठोक दो ठोक...
Jot Chahal
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“ਇਕ ਅਰਦਾਸ”ਵਾਲੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਭੁੱਖ ਕੋਈ ਨਾਜੋ ਦਿੱਤਾ ਉਹਦਾ ਦੁੱਖ ਕੋਈ ਨਾਤੇਰੀ ਰਜ਼ਾ ਵਿਚ ਰਹਿਣਾਂ ਹਰ ਪਲਆਉਂਦੇ ਲੱਖਾਂ ਦੁੱਖ,ਕੋਈ ਨਾਰਹਿੰਦਾ ਹਰ ਪਲ ਨਾਲ ਮੇਰੇਪਿਆਰਾਂ ਜਾ ਅਹਿਸਾਸ ਤੇਰਾਕਰਾ ਦੁਆਵਾਂ ਤੇਰੇ ਦਰ ਤੇਨਿਮਾਣਾ ਜਾ ਪਰਵਾਸ ਮੇਰਾਹੰਕਾਰ ਨੂੰ ਨੀਵਾਂ ਰੱਖੀ ਮਾਲਕਾਗੁੱਡੀ ਭਾਵੇਂ ਚੜ੍ਹ ਜਾਵੇਨਾਲ ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਰਹੀ ਮਾਲਕਾ...
 पोस्ट लेवल : Ranjot Singh Punjabi Poetry