ए अल्लाह, ए दो जहानों के मालिक ओ मालिक तेरा ये गुनाहगार बन्दा सारे गुनाहों की पोटली लेकर तेरी बारगाह में हाज़िर है। तू जानता है। कि मैं नहीं जानता कि आज़तक कितने गुनाह कर बैठा। कितनी बदतियाँ की, कितने झूठ बोले अग़र तू सबकुछ जानता है। तो तुझसे बेहतर कोई नहीं जानता और त...