ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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फिर उसी अनजान नंबर से संदेश है- 'आपको मेरा नाम कैसे मालूम? आप कवि हैं या ज्योतिषी? कैसे पता चला कि मेरा नाम .... प्रियदर्शन की कथाशैली हमेशा से अच्छी रही है, रोचकता बनाये रखना वह भलीभाँति जानते हैं. किसी सच को गल्प में ऐसा कस के बुन देना कि वह सच लगते हुए भी ग...
Bharat Tiwari
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जब मज़ाक ही है, हिंदी तो मज़ाक ही सही...लेकिन याद रहे महँगा पड़ता हैहिंदी: सम्मान-व्यापार सम्मान घोषणाविजय वर्मा कथा सम्मान, सामान और अपमान — प्रियदर्शन2016 के आखिरी महीनों में कभी मेरे पास वरिष्ठ आलोचक भारत भारद्वाज का फोन आया। भारत भारद्वाज का मैं काफ़ी सम्मान...
prabhat ranjan
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इस साल मेरे समकालीनों, वरिष्ठों के कई कथा-संकलन आये लेकिन जो संग्रह मेरे दिल के सबसे करीब है वह प्रियदर्शन का 'बारिश, धुआँ और दोस्त'. प्रियदर्शन की कहानियों में समकालीन जीवन की जद्दोजहद जितनी विविधता के साथ आती है वह किसी और लेखक में कम ही दिखाई देती है. हैरानी होत...
prabhat ranjan
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बरसों बाद प्रियदर्शन का दूसरा कहानी संग्रह आया है 'बारिश, धुआँ और दोस्त'. कल उसका लोकार्पण था. उस संग्रह की शीर्षक कहानी. तेज भागती जिंदगी में छोटे छोटे रिश्तों की अहमियत की यह कहानी मन में कहीं ठहर जाती है. पढियेगा और ताकीद कीजियेगा- मॉडरेटर ============...
 पोस्ट लेवल : प्रियदर्शन priyadarshan
prabhat ranjan
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पिछले इतवार को रांची में शैलप्रिया स्मृति सम्मान का आयोजन हुआ था. इस आयोजन पर कल बहुत अच्छी रपट हमने प्रस्तुत की थी, कलावंती जी ने लिखा था. आज उस आयोजन के मौके पर 'समकालीन महिला लेखन का बदलता परिदृश्य' विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया इस गोष्ठी में  प्रियदर...
prabhat ranjan
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'लव जेहाद' के बहाने ये कविताएं लिखी जरूर गई हैं मगर ये प्रेम की कवितायेँ हैं, उस प्रेम की जिसके लिए भक्त कवि 'शीश उतार कर भूईं धरि' की बात कह गए हैं. ये कवितायेँ प्रासंगिक भी हैं और शाश्वत भी. प्रियदर्शन की कविताई की यह खासियत है कि वे नितांत समसामयिक लगने वाले प्र...
 पोस्ट लेवल : प्रियदर्शन priyadarshan