ब्लॉगसेतु

roushan mishra
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संतोष गंगवार जी बरेली से 2009 को छोड़कर 1989 से लगातार सांसद चुने जा रहे हैं। वे अटल सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं। हमें हमेशा लगता रहा है कि वर्तमान सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री का पद उनक...
MediaLink Ravinder
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अब सोचिये वो सेनिटाइजर कहाँ से खरीदेगा !लॉक डाउन आवश्यक था। लॉक डाउन आवश्यक है। इसी से लड़ा जा सकेगा कोरोना के साथ। इस लड़ाई में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसके साथ ही आवश्यक है उन सवालों की चर्चा जिनकी चिंता न किसी राजनीतिक दल ने की और न ही किसी समाजिक संगठन...
sanjeev kumar mishra mishra
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दक्षिणी पूर्वी दिल्ली का संतनगर इलाका। इस्कान मंदिर के पास स्थित यह कालोनी बहुत ही फेमस है। यह बहुत ही छोटी कालोनी है। यहां सिर्फ 432 मकान है। इसके नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी बताते हुए स्थानीय निवासी विनोद बंसल कहते हैं कि 1950 के आसपास की बात है। उस समय यह गांव...
 पोस्ट लेवल : santnagar delhihistory southdelhi
sanjiv verma salil
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दोहा सलिलासंजीव सलिल०ठिठुर रहा था तुम मिलीं, जीवन हुआ बसंत.दूर हुईं पतझड़ हुआ, हेरूँ हर पल कन्त.. ०तुम मैके मैं सासरे, हों तो हो आनंद.मैं मैके तुम सासरे, हों तो गाएँ छन्द.०तू-तू मैं-मैं तभी तक, जब तक हों मन दूर.तू-मैं ज्यों ही हम हुए, साँस हुई संतूर..*दो हाथों...
 पोस्ट लेवल : दोहा तुम बसंत doha tum basant
sanjiv verma salil
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चिंतन :संतान बनो*इसरो के वैग्यानिकों ने देश के बाहरी शत्रुओं की मिसाइलों, प्रक्षेपास्त्रों व अंतरिक्षीय अड्डों को नष्ट करने की क्षमता का सफल क्रियान्वयन कर हम सबको 'शक्ति की भक्ति' का पाठ पढ़ाया है। इसमें कोई संदेह नहीं कि देश बाहरी शत्रुओं से बहादुर सेना और सुयोग्...
sanjiv verma salil
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बासंती दोहा ग़ज़ल (मुक्तिका)संजीव 'सलिल'*स्वागत में ऋतुराज के, पुष्पित शत कचनार.किंशुक कुसुम विहँस रहे, या दहके अंगार..पर्ण-पर्ण पर छा गया, मादक रूप निखार.पवन खो रहा होश निज, लख वनश्री श्रृंगार..महुआ महका देखकर, चहका-बहका प्यार.मधुशाला में बिन पिए, सिर पर नशा सवार....
sanjiv verma salil
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मुक्तक *श्वास-श्वास आस-आस झूमता बसन्त हो मन्ज़िलों को पग तले चूमता बसन्त हो भू-गगन हुए मगन दिग-दिगन्त देखकर लिए प्रसन्नता अनंत घूमता बसन्त हो*साथ-साथ थाम हाथ ख्वाब में बसन्त होअँगना में, सड़कों पर, बाग़ में बसन्त होतन-मन को रँग दे बासंती रंग में वि...
 पोस्ट लेवल : muktak basant बासंती मुक्तक
sanjiv verma salil
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पुस्तक चर्चा*''सडक़ पर'' नवगीत संग्रह, गीतकार-आचार्य संजीव वर्मा ' सलिल 'संतोष शुक्ल * आचार्य संजीव वर्मा ' सलिल ' जी का नाम नवीन छंदों के निर्माण तथा उनपर गहनता से कये गए कार्यों के लिए प्रबुद्ध जगत में बड़े गौरव से लिया जाता है। माँ भारती के वरदपुत्र आचा...
sanjiv verma salil
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नवगीत:संजीव।. सांताक्लाज!बड़े दिन का उपहार न छोटे दिलवालों को देना.गुल-काँटे दोनों उपवन मेंमधुकर कलियाँ खोजदिनभर चहके गुलशन में ज्योंआयोजित वनभोजसांताक्लाज!कभी सुख का संसारन खोटे मनवालों को देना.अपराधी संसद में बैठेनेता बनकर आजतोड़ रहे कानून बना खुदआती तनिक...