सिम्मी हर्षिता की कहानी उनका जाना और मृदुला गर्ग का मर्म ...इससे ज़्यादा,मृत्यु के बाद याद किये जाने के लिए एक लेखक क्या कर सकता है? "तुम्हें तो पसंद हैं न? बस इतना ही काफी होना चाहिए। अपनी पसंद का कुछ न कुछ करते रहना चाहिए। जीवन को यही पसंद है। तुम तो फूल...