ब्लॉगसेतु

Khushdeep Sehgal
57
एक दौर ऐसा था जब हर पोस्ट पर स्लॉग ओवर ज़रूर देता था...ब्लॉगिंग के सिलसिले में विराम आया लेकिन स्लॉग ओवर का मक्खन हर किसी को याद रहा...साथ ही उसकी पत्नी मक्खनी, बेटा गुल्ली और दोस्त ढक्कन भी...अब भी कई जगह से शिकायत मिलती रहती हैं कि मक्खन को कहां भेज दिया...&...
Khushdeep Sehgal
438
मक्खन का  बेटा गुल्ली बल्ब पर कुछ लिख रहा था...मक्खन के दोस्त ढक्कन ने पूछा....बेटा गुल्ली क्या कर रहा है?गुल्ली...बहुत ज़रूरी काम  कर रहा हूं...चाचा जी....ढक्कन...क्या ज़रूरी काम बेटा...गुल्ली...बल्ब पर पापा जी का नाम लिख रहा हूं...ढक्कन...उससे क्या होगा...
Khushdeep Sehgal
438
मास्टर ने मक्खन के बेटे गुल्ली को बुलाकर मुहावरे की खाली जगह भरने को कहा...नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली ..... को चली..............................................................................................................................................................
 पोस्ट लेवल : cat slog over dark humour
Khushdeep Sehgal
438
मक्खन से ज़्यादा बहादुर कौन हो सकता है...मक्खन पूरी तरह टुन होकर देर रात को घर लौटा.........................................................................................................................................................................................
 पोस्ट लेवल : drunken makkhan slog over dark humour