ब्लॉगसेतु

Khushdeep Sehgal
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एक दौर ऐसा था जब हर पोस्ट पर स्लॉग ओवर ज़रूर देता था...ब्लॉगिंग के सिलसिले में विराम आया लेकिन स्लॉग ओवर का मक्खन हर किसी को याद रहा...साथ ही उसकी पत्नी मक्खनी, बेटा गुल्ली और दोस्त ढक्कन भी...अब भी कई जगह से शिकायत मिलती रहती हैं कि मक्खन को कहां भेज दिया...&...
Khushdeep Sehgal
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मक्खन का  बेटा गुल्ली बल्ब पर कुछ लिख रहा था...मक्खन के दोस्त ढक्कन ने पूछा....बेटा गुल्ली क्या कर रहा है?गुल्ली...बहुत ज़रूरी काम  कर रहा हूं...चाचा जी....ढक्कन...क्या ज़रूरी काम बेटा...गुल्ली...बल्ब पर पापा जी का नाम लिख रहा हूं...ढक्कन...उससे क्या होगा...
Khushdeep Sehgal
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मास्टर ने मक्खन के बेटे गुल्ली को बुलाकर मुहावरे की खाली जगह भरने को कहा...नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली ..... को चली..............................................................................................................................................................
 पोस्ट लेवल : cat slog over dark humour
Khushdeep Sehgal
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मक्खन से ज़्यादा बहादुर कौन हो सकता है...मक्खन पूरी तरह टुन होकर देर रात को घर लौटा.........................................................................................................................................................................................
 पोस्ट लेवल : drunken makkhan slog over dark humour