ब्लॉगसेतु

Roli Dixit
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मरना ही चाहते हो न तुमतो आराम से मरो और पूरा मर&#...
Roli Dixit
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Roli Dixit
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GOOGLE IMAGEये मेरे आखिरी शब्दजो कल डायरी बन जाएंगे;एक भयंकर अंतर्द्वंद्व,उथल-पुथल का जीता-जागता उदाहरण हैंमैं, मेरे मैं कोमिट्टी में मिलाने जा रही हूँ,माँ, हो सके तो माफ कर देना मुझेइस देह पर बिना हक़ काहक़ जता रहीं हूँ,पापा, तुम्हारा दिया हुआ आत्मसम्मानन बचा पाई,जो...
Kajal Kumar
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Kajal Kumar
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अविनाश वाचस्पति
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Sanjay  Grover
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एक समय की बात है एक अजीब-सी जगह पर, बलात्कार करनेवाले, बलात्कृत होनेवाले, बलात्कार देखनेवाले, बलात्कार का इरादा रखनेवाले सब मिल-जुलकर रहते थे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बीच-बीच में वे न जाने किसका विरोध और शिक़ायत करते रहते थे।शायद क...
Ravi Parwani
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photo credit : universityex.comHello friends,समय की कमी की वजह से बहुत दिन के बाद यह आर्टिकल लिख पाया हूँ | इस आर्टिकल का विषय है  “ आत्महत्या “ . आज का मेरा आर्टिकल इसी विषय पर है की लोग आत्महत्या क्यूँ करते है ? ऐसा तो क्या हो गया उनकी जिंदगी में जो किस...
 पोस्ट लेवल : lifestyle आत्महत्या Suicide problems
MediaLink Ravinder
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पीएयू के सुसाईड प्रिवेंशन आयोजन ने सिखाये ज़िंदगी के असली गुर लुधियाना: 16 सितंबर 2017: (कार्तिका सिंह)::मन की दुनिया अजीब दुनिया है;रंग कितने ही यह बदलती है। यह पंक्तियाँ इन दिनों की अख़बार में छपी खबरें देख कर पहले मन में उठीं और फिर&n...
 पोस्ट लेवल : PAU Ludhiana Suicide Prevention Contest Poetry
Yash Rawat
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मुझे अक्‍सर एक सपना आता है कि मैं ट्रेकिंग के लिए पहाड़ों पर गया हूं जोकि मेरा शौक है और साल में लगभग 1-2 बार जाता भी रहता हूं, मैं बहुत लंबी और खड़ी चढ़ाई को पार करने के बाद चोटी तक पहुंचता हूं मेरे साथ कई लोग होते हैं लेकिन मैं किसी को नहीं पहचानता हूं, चोटी से वापि...