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Bharat Tiwari
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नरम घास, चिड़िया और नींद में मछलियां— उमा शंकर चौधरीकहानीकार को 'नरम घास, चिड़िया और नींद में मछलियां' कहानी कह पाने की बधाई से अधिक शुक्रिया देना चाहिए, जिसमें कहानीकार साहित्यकार बन जाता है और साहित्य का धर्म ‘सच बताना और सच बचाना’ निभाता है. हम सब अपनी जड़ को भूल न...
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समीक्षा और 'क्वायर’ का शोक गीत | उमा शंकर चौधरी के उपन्यास  ‘अंधेरा कोना’ पर वंदना रागलेकिन आज का सच क्या है? इस प्रचलित लोकतंत्र प्रणाली का सच क्या है? लोकतंत्र का दावा करने वाले अपने देश-भारत का सच क्या है?हर चर्च में एक क्वायर होता है। लड़के-लड़कियों का, स्त...
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उपन्यास कैसे लिखें? ऐसे — पढ़िए: उमा शंकर चौधरी के उपन्यास 'अंधेरा कोना' के अंश ... पता नहीं, लेकिन हो सकता है कि आपने भी कभी मेरी तरह यह सोचा हो कि कोई कथाकार आपका प्रिय लेखक क्यों हो जाता है। उमा शंकर को जितनी दफ़ा पढ़ता हूँ बस यही लगता रहता है उससे अधिक सच किसी और...
Bharat Tiwari
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दिल्ली में नींद  उमा शंकर चौधरीयह दिल्ली जो कि एक विशाल शहर है उसमें यह भी जिन्दगी का एक रंग है। जहां हवा है, पानी है, मिट्टी है, भोजन है और जीवन है परन्तु सब बहुत ही कम है। आज पहली बार सुनानी को लगा कि दिल्ली कितनी बड़ी है। एक किनारे पर बैठो तो दूसरे को छ...