ब्लॉगसेतु

केवल राम
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एक दिन मैं अपने मित्र से बात कर रहा था. बातों-बातों में बात प्रेम के विषय तक आ पहुंची. बात-बात में मैंने महसूस किया कि वह अपने प्रेम को लेकर संशय की स्थिति में है. वह अपने प्रेम के अनुभवों और भविष्य की स्थितियों को लेकर बहुत असमंजस में था. उसे लग रहा था कि कहीं वह...
सुनील  सजल
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व्यंग्य – प्यार में चाँद वो ज़माना गुजर गया साब | जब प्रेमी लोग चाँद के पार जाने की सोचते थे | भले ही मुंह जुबानी |कल्पनाओं के पंख लगाकर ही सही |पर चाँद या चाँद के पार से कम बात नहीं होती थी | प्रेमिका भी इन्हीं कल्पनाओं के आकाश की बात सुनकर फूले नहीं समाती थी...
अविनाश वाचस्पति
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 मित्रो मुझे  डर लगता हैखाता हूं मैं भयहोकर निर्भयइसलिएलाया हूं खरीद कलऐसा मल्‍टीपरपज स्‍टैंडबेलन टाइट से बचने के लिएइसकी खरीद करना अच्‍छी हे इस पर चाहे वाशिंग मशीनरेफ्रीजरेटरजमा लोइसे एडजस्‍ट किया जा सकता हेन जाने किन किनप्‍यार के इजहार दिवसों परइसन...
 पोस्ट लेवल : velentine Day Poem multi purpose stand Avinash Vachaspati
ललित शर्मा
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केवल राम
312
प्रेम एक ऐसा शब्द जो हमारे जीवन का अहम् हिस्सा है, एक ऐसा भाव जिसके बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते, और एक ऐसा जूनून जो हमें जीवन के मायने सिखाता है. प्रेम मनुष्य ही नहीं बल्कि हर प्राणी के जीवन का आधार है. दुनिया में जो कुछ भी हमारी समझ में आज तक आया है, वह...