ब्लॉगसेतु

Harsh Wardhan  Jog
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Buddhism originated in India in 5th century BCE with teachings of Gautam Buddha. Gautam Buddha himself spread the teachings in northern India for about 45 years. Spread of Buddhism reached its peak in the reign of Emperor Ashoka during third century BCE. A few deca...
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रिटायरमेंट के बाद क्या करें? भारत दर्शन करें और क्या! चलो फिर एक मोटरसाइकिल ले लेते हैं. एक रॉयल एनफील्ड 500 क्लासिक खरीद ली. बड़े शौक से फटफटिया हाईवे पर दौड़ानी शुरू कर दी. दिल्ली से जयपुर, पुष्कर, हरिद्वार, लैंसडाउन की सैर की. पर कुछ ट्रैफिक ने परेश...
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दस प्रश्न  गौतम बुद्ध अपने उपदेशों के दौरान उठाए गए सवालों का जवाब भी देते थे. सवाल किसी के भी हों शिष्य के, साधू-संत के, व्यापारी के, यात्री के या फिर किसी राजा के. वे सभी को यथा योग्य उत्तर देते थे. फिर भी कुछ प्रश्न ऐसे थे जिनका बुद्ध ने उत्तर नहीं दिय...
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स्वस्थ शरीर  राजकुमार सिद्धार्थ गौतम 29 वर्ष की आयु में अपना महल और परिवार छोड़ कर दुःख निवारण का रास्ता ढूंढने निकल पड़े. सात वर्ष जंगल में कठिन तपस्या करने के बाद वे बौद्ध हुए और उन्होंने मनुष्य को दुःख के उत्पन्न होने के कारण और दुःख से निवारण का रास्ता...
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कर्म और परिणाम     बौद्ध दर्शन में एक मूल, मौलिक और महत्वपूर्ण सिद्धांत है कर्म और फल का सिद्धांत जिसे पाली भाषा में पटिच्चसमुप्पाद, संस्कृत में 'प्रतीत्य समुत्पाद' और इंग्लिश में dependent coarising कहा जाता है. हिंदी में इसे कार्य-कारण, कारण-परिणाम...
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संवेदना गौतम बुद्ध ने कहा कि जैसे आकाश में तरह तरह की हवाएं लगातार चलती रहती हैं, कभी पुरवैय्या, कभी पछुआ, कभी उत्तर से, कभी दक्खिन से, कोई धूल वाली कोई बिना धूल की, कभी ठंडी तो कभी गरम, कहीं से मंद मंद और कहीं से तेज़, ठीक उसी प्रकार शरीर में भी तरह तरह की संव...
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पांच तरह के भार गौतम बुद्ध ने जीवन को दुःख भरा बताया और कहा की इसका मूल कारण तृष्णा है. ये तृष्णा याने आसक्ति या चाहत या craving जुड़ी है स्वयं से, स्वयं की काया से, स्वयं के विचारों से और स्वयं की भीतरी दुनिया से. स्वयं सुख भोगने की इच्छा, बारम्बार आनंद भोगने...
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दुःख राजकुमार सिद्धार्थ गौतम 21 वर्ष की आयु में महलों का विलासिता पूर्ण जीवन छोड़ जंगल की और निकल गए. सात वर्षों तक उस समय के हर तरह के साधू संतों से मिले. उस समय की प्रचलित सभी 62 दार्शनिक विचार धाराओं का अध्ययन किया और उन विचारों पर अमल किया. पर फिर संतुष्ट न...
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धम्म सिद्धार्थ गौतम का जन्म ईसापूर्व 563 में लुम्बिनि, नेपाल में हुआ था. कपिलवस्तु राज्य में शाक्य वंश का राज्य था इसलिए सिद्धार्थ गौतम शाक्यमुनि भी कहलाते हैं. सिद्धार्थ को बचपन में राजकुमारों जैसी शिक्षा और अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान दिया गया. राजकुमार की शादी 1...
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सिद्धार्थ गौतम का जन्म ईसा पूर्व 563 लुम्बिनी में हुआ था. उनके पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु राज्य के राजा थे. राजकुमार का बचपन भोग विलासिता में गुज़रा और 18 वर्ष की आयु में एक स्वयंवर में उनका विवाह यशोधरा से हुआ.  पुत्र राहुल का जब जन्म हुआ तो राजकुमार सिद्धार्थ की...
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