ब्लॉगसेतु

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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); رسول اكرم صلى الله عليه و آله لا تَزالُ اُمَّتى بِخَيرٍ ما تَحابّوا وَ اَقامُوا الصَّلاةَ و َآتَوُا الزَكاةَ و َقَروا الضَّيفَ... ؛1.    रसूले अकरम (स.अ.व.व)हमेशा मेरे उम्मती खैरो बरकत को देखे...
 पोस्ट लेवल : नमाज़ ahlullbayt ahlubayt Ahlebayt ahlulbayt
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ये बात २० रजब सन ६० हिजरी की है जब मुआव्विया की मृत्यु हो गयी और यज़ीद  ने खुद को मुसलमानो  का  खलीफा घोषित कर दिया ।इमाम हुसैन (अ.स ) हज़रत मुहम्मद (स.अ व ) के नवासे थे और यह कैसे संभव था कि वो यज़ीद...
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विलायत पोर्टल : घर में सन्नाटा छाया हुआ था और शौहर बाहर गए हुए थे, वह तन्हा थी और अपने हुजरे में बंद अपने रब से मुलाक़ात के लिए ख़ुद को तैयार कर रही थी, और अपने मालिक की तसबीह और तहलील में मसरूफ़ थी, उसके दिमाग़ में बीते हुए सारे हादसे एक के बाद एक आते जा रहे थे।उस...
 पोस्ट लेवल : fatema ahlubayt Ahlebayt ahlulbayt
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There is a hadith of the Holy Prophet(S.A.W.) that when you travel, you should give charity (sadqa). So is it not better to give the money of Imam-e-Zaamin before you go on your journey rather than when you get back, so that it may reach the poor quicker. It i...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इस मेहमान नवाज़ी की कोई  मिसाल नहीं | शाम का धुंधलका घिर चुका था। अचानक इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अली इब्ने हुसैन, अल सज्जाद) को लगा की कोई दरवाज़े पे दस्तक दे रहा है |  इमाम ने दरवाज़ा खोला देखा...
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शब् ऐ शहादत मौला अली (अ स ) २१ रमज़ान आशूरा से काम नहीं इसलिए इसे ऐसे मनाओ की दुनिया पूछे आज किसका ग़म है | हज़रत अली  (अ स ) से हज़रत मुहम्मद (स) ने कहा ऐ  अली तुम्हे ज़रबत लगेगी ज़हर बुझी जिस से तुम्ह शहीद होंगे तो क्या उस वक़्त तुम सब करोगे |मौला अली (अ स ) न...
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जैनब की आँखों में रास्ते की धूल थी, उसने अंगुलियों से आँखें मलीं ... हां, सामने मदीना ही था। नाना मुहम्मद का मदीना। जैनब की आँखें भर आयीं, लेकिन रोना किसलिए ?बग़ल वाले महमिल का पर्दा उठाये कुलसूम का मर्सिया झांक रहा था :ऐ नाना के मदीने,हमें स्वीकार न करहमें स्वी...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); यह दो रक्'अत नमाज़ है जिसकी हर रक्'अत में एक मर्तबा सुराः हम्द और बारह (12) मर्तबा सुरह तौहीद पढ़ें - नमाज़ के बाद हज़रात (अ:स) की यह दुआ पढ़ेंअल्लाहुम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन व आले मोहम्मद बिस्मिल्लाहिर रहमा...
 पोस्ट लेवल : मूसा काजिम ahlubayt Ahlebayt ahlulbayt
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“I asked Al-Reza (s) about the reason why a woman who has been divorced three times cannot be married to her original husband again, until after she marries someone else (and her new husband either dies or divorces her before she can be married). Al-Reza (s) replie...
 पोस्ट लेवल : social issues Ahlebayt ahlulbayt
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम के वंश से थे और उन्होंने अपनी छोटी सी आयु में ज्ञान और परिज्ञान के मूल्यवान ख़ज़ाने छोड़े हैं। वह इमाम जिसकी दया व दान के सागर से सब...