ब्लॉगसेतु

सतीश सक्सेना
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अभी कुछ दिन पहले ही ठंडक और कोरोना के कारण , घर में जमकर खाया और कम्बल की मेहरबानी के कारण एक दिन चेक करने पर पाया कि पूरे तीन किलो वजन बढ़ चुका है , इस उम्र ( 66 वर्ष ) में मुझे बुढ़ापा नहीं चाहिए सो उसी दिन तय कर लिया था कि एक सप्ताह में वजन सामान्य करना है !पूरे आ...
सतीश सक्सेना
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 दौड़ते दौड़ते 67वां वर्ष कब शुरू हुआ पता ही नहीं चला , शायद मैं अधिक खुशकिस्मत हूँ जिसे अपने बड़े होते बच्चों से कभी कष्ट का अनुभव ही नहीं हुआ ! बेटा 40 वर्ष का है और देखता रहता है कि पापा को घर में किस चीज की आवश्यकता है , तलाश करने से पहले घर में वह चीज आ जाती...
सतीश सक्सेना
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नाम तुम्हारा ले बस्ती में , जोर शोर से गाएंगे !दरी बिछाकर फटी तेरे, दरवाजे आके नाचेंगे !जय जयकारों के नारों में भूले देश दुर्दशा को !बर्तन भांडे बिके देश के , टांग उठा के नाचेंगे !कोर्ट कचहरी सारे तेरे, जेल मिले गर बोले तो घर की जमा लुट गई, नंगे घर...
सतीश सक्सेना
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 मेरे दोस्तों में उम्र में मुझसे २० वर्ष छोटे (45 वर्षीय जो खुद को उम्रदराज समझते हैं) भी अक्सर उन्मुक्त होकर हंस नहीं पाते और अगर कोई मजाक या जोक शेयर कर दूँ तो इधर उधर देखने लगते हैं कि कोई क्या कहेगा ! मुझे लगता है कि प्रौढ़ावस्था के आसपास के अधिकतर व्यक्ति...
सतीश सक्सेना
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कोरोना के कारण लगभग 8 महीने बाद आज पहली बार , लम्बे रन का आनंद लिया , 65+ उम्र में ८ महीने के अंतराल के बाद 10 km बिना रुके एक स्पीड में दौड़ना आसान नहीं होता , मगर 5:50 सुबह , ही निश्चय कर लिया था कि बीमारियों से घिरे अपने आलसी मित्रों को समझाने के लिए यह दौड़...
सतीश सक्सेना
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लोगों में इन कविताओं की,आदत नहीं रही सुन भी लें तो भी,मन से, इबादत नहीं रही !इक वक्त था जब कवि थे देश में गिने चुने भांडों  और  चारणों से , मुहब्बत नहीं रही !जब से बना है काव्य चाटुकार , राज्य का जनता को भी सत्कार की आदत नहीं रही माँ से मिल...
सतीश सक्सेना
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हम तो केवल हंसना चाहें  सबको ही, अपनाना चाहें मुट्ठी भर जीवन पाए हैं हंसकर इसे बिताना चाहें खंड खंड संसार बंटा है , सबके अपने अपने गीत । देश नियम,निषेध बंधन में, क्यों बांधा जाए संगीत ।नदियाँ,झीलें,जंगल,पर्वतहमने लड़कर बाँट लिए। पैर जहाँ पड़ गए हमारे...
सतीश सक्सेना
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3 km या उससे अधिक रनिंग को लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग कहा जाता है , 61 वर्ष में जब मैंने दौड़ना सीखना शुरू किया था तब 100 मीटर लगभग हर लॉन्ग डिस्टेंस रनर यह सुख रनिंग के दौरान या उसके तुरंत बाद महसूस करता है और उस समय शरीर में कोई स्ट्रेस  , दर्द महसूस नहीं होता !पहल...
सतीश सक्सेना
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हिंदी साहित्य में ऐसे बहुत कम लोग हैं जो बिना किसी दिखावा शानशौकत के चुपचाप अपना कार्य करते हैं , उनमें ही एक बेहद सादगी भरा व्यक्तित्व अरविन्द कुमार का है जिनको मैंने जितना जानने का प्रयत्न किया उतना ही प्रभावित हुआ !वे मेरठ पोस्ट  ग्रेजुएट &nb...
सतीश सक्सेना
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इस भयावह समय में अपने आप को व्यस्त रखना और मस्त रहना बेहद आवश्यक है , इससे जीवनी शक्ति में ताजगी बनी रहती है , इस शक्ति के आगे कोरोना अपने आपको बहुत कमजोर पाता है और एक सामान्य फ्लू से अधिक नुकसान नहीं कर पाता !  अधिकतर लोग इसे बढ़ाने के लिए खाने पीने...