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sanjiv verma salil
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बाल गीत:धानू बिटिया*धानू बिटिया रानी है।सच्ची बहुत सयानी है।।यह हरदम मुस्काती है।खुशियाँ खूब लुटाती है।।है परियों की शहजादी।तनिक न करती बर्बादी।।आँखों में अनगिन सपने।इसने पाले हैं अपने।।पढ़-लिख कभी न हारेगी।हर दुश्मन को मारेगी।।हर बाधा कर लेगी पार।होगी इसकी जय-जयकार...
 पोस्ट लेवल : baal geet बाल गीत
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बाल गीत:बरसे पानीसंजीव 'सलिल'*रिमझिम रिमझिम बरसे पानी.आओ, हम कर लें मनमानी.बड़े नासमझ कहते हमसेमत भीगो यह है नादानी.वे क्या जानें बहुतई अच्छालगे खेलना हमको पानी.छाते में छिप नाव बहा ले.जब तक देख बुलाये नानी.कितनी सुन्दर धरा लग रही,जैसे ओढ़े चूनर धानी.काश कहीं झूला...
 पोस्ट लेवल : baal geet pani बरसे पानी बाल गीत
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बाल गीत:धानू बिटिया*धानू बिटिया रानी है। सच्ची बहुत सयानी है।।यह हरदम मुस्काती है।खुशियाँ खूब लुटाती है।।है परियों की शहजादी।तनिक न करती बर्बादी।।आँखों में अनगिन सपने।इसने पाले हैं अपने।।पढ़-लिख कभी न हारेगी।हर दुश्मन को मारेगी।।हर बाधा कर लेगी पार।होगी इसकी जय...
 पोस्ट लेवल : baal geet बाल गीत
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बालगीत:बिटिया रानी *आँख में आँसू, नाक से पानी क्यों रूठी है बिटिया रानी? *पल में खिलखिल कर हँस देगी झटपट कह दो 'बहुत सयानी'। *ठेंगा दिखा रही भैया कोनटखट याद दिलाती नानी। *बारिश में जा छप-छप करती झबला पहने हरियल-धानी। *टप-टप टपक रही हैं बूँदें भीग गया है छप्पर-छानी...
 पोस्ट लेवल : बिटिया bitiya baal geet बाल गीत
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बाल रचना बिटिया छोटी *फ़िक्र बड़ी पर बिटिया छोटी क्यों न खेलती कन्ना-गोटी?*ऐनक के काँचों से आँखेंझाँकें लगतीं मोटी-मोटी*इतनी ज्यादा गुस्सा क्यों है?किसने की है हरकत खोटी*दो-दो फूल सजे हैं प्यारेसर पर सोहे सुंदर चोटी*हलुआ-पूड़ी इसे खिलाओतनिक न भाती इसको...
 पोस्ट लेवल : बेटी baal geet beti बाल गीत
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बाल गीत:अहा! दिवाली आ गयीआओ! साफ़-सफाई करेंमेहनत से हम नहीं डरेंकरना शेष लिपाई यहाँवहाँ पुताई आज करेंहर घर खूब सजा गयीअहा! दिवाली आ गयीकचरा मत फेंको बाहरकचराघर डालो जाकरसड़क-गली सब साफ़ रहेखुश हों लछमी जी आकरश्री गणेश-मन भा गयीअहा! दिवाली आ गयीस्नान-ध्यान कर, मिले प्र...
 पोस्ट लेवल : दीवाली baal geet diwali बाल गीत
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नवगीत*बचपन का अधिकार उसे दोयाद करो बीते दिन अपने देखे सुंदर मीठे सपने तनिक न भाये बेढब नपनेअब अपनास्वीकार उसे दो.पानी-लहरें हवा-उड़ानें इमली-अमिया तितली-भँवरे कुछ नटखटपन कुछ शरारतेंदेखो हँसमनुहार उसे दो. इसकी मुट्ठी में तक़दीरें यह पल भर में हरता पीरें गढ़ता पल-पल नई...
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बाल गीत: माँ-बेटी की बातसंजीव 'सलिल'*रानी जी को नचाती हैं महारानी नाच. झूठ न इसको मानिये, बात कहूँ मैं साँच..बात कहूँ मैं साँच, रूठ पल में जाती है.पल में जाती बहल, बहारें ले आती है..गुड़िया हाथों में गुड़िया ले सजा रही है.लोरी गाकर थपक-थपक कर सुला रही है. मारे सिर...
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बाल गीत पीहू ***रुन-झुन करती आई पीहू।सब बच्चों को भाई पीहू।. बादल गरजे, तनिक न सहमी।बरखा लख मुस्काई पीहू।. चम-चम बिजली दूर गिरी तो,उछल-कूद हर्षाई पीहू।. गिरी-उठी, पानी में भीगी।गुइयों सहित नहाई पीहू।. मैया ने जब डाँ...
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बाल गीत अपनी माँ का मुखड़ा..... संजीव वर्मा 'सलिल'मुझको सबसे अच्छा लगता अपनी माँ का मुखड़ा.....   *सुबह उठाती गले लगाकर, फिर नहलाती है बहलाकर.आँख मूँद, कर जोड़ पूजती प्रभु को सबकी कुशल मनाकर.देती है ज्यादा प्रसाद फिर सबक...