ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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बचपन से लेकर जवानी तक एक वाक्य से अकसर सामना होता रहा-‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है’। लेकिन स्वस्थ शरीर वालों की बातें और क्रिया-कलाप देखकर मन यह मानने को कभी राज़ी न हुआ। उस वक्त चूंकि स्वास्थ्य ज़रा-ज़रा सी बात पर ख़राब हो जाया करता था सो यह भी ल...
PRAVEEN GUPTA
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Marwari community and the brains behind the businessWhen speaking of communities that are deeply rooted and firmly seated in folklore, one cannot miss but mention the gregarious Marwari community that is synonymous with business in India. From starting out as trade...
 पोस्ट लेवल : Marwari community and the brains behind the business
उमाशंकर  मिश्र
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शुभ्रता मिश्राTwiter handle : @shubhrataraviवास्को-द-गामा, 15 नवम्बर (2017) : नैनो तकनीक का उपयोग दुनिया भर में बढ़ रहा है और लगभग सभी क्षेत्रों में इसे आजमाया जा रहा है। भारतीय वैज्ञानिकों ने अब नीम यूरिया नैनो-इमलशन (एनयूएनई) नामक नैनो-कीटनाशक बनाया है, जो डेंगू...
 पोस्ट लेवल : NUNE Nano Technology Dengue Neem Urea Nanoemulsion Brain Fever
शरद  कोकास
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हमारी त्वचा             चेतना का अर्थ आप जानते होंगे ,चेतना अर्थात हमें उद्वेलित करने वाली गर्व ,लज्जा,क्रोध,हर्ष, प्रेम, घृणा आदि भावनाएं ,हमारे नेत्र,नाक,कान, जिव्हा,स्पर्श आदि ज्ञानेन्द्रियों द्वारा प्राप्त अनुभूतियाँ ,और...
शरद  कोकास
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यद्यपि स्वयं का जन्म मनुष्य के वश में नहीं है न ही वह इसके लिए  उत्तरदायी है लेकिन जन्म लेने के पश्चात यह जीवन और यह शरीर उसे इतना प्रिय लगने लगता है कि लाख कष्टों के बावज़ूद वह इसे जीवित रखने का भरसक प्रयास करता है । यह स्वाभाविक भी है । वह उन समस्त सुख-सुविधा...
शरद  कोकास
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रचना संवाद : भाग 3 रचना और रचनाकार की मन:स्थिति व अन्तःप्रेरणा लिखते समय हमारी मनस्थिति कैसी होनी चाहिए कई बार ऐसा होता है कि हम कुछ भी लिखने की मन:स्थिति में नहीं होते । विचार हमारे इर्द-गिर्द मँडराते रहते हैं, भाव हमे घेरे रहते हैं लेकिन शब्द नहीं सूझते । कई...
Kheteswar Boravat
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शरद  कोकास
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नीन्द के बारे में कहीं कोई लिखित नियम नहीं होता । कभी ऐसा भी होता है कि बेहद थके होने के बावज़ूद नीन्द नहीं आती और कभी ऐसा भी होता है कि दिनभर सोते रहने के बावज़ूद भी नीन्द आ जाती है । लोग कहते हैं कि दिनभर मेहनत करने वाले मज़दूरों को रात जल्दी नीन्द आ जाती है लेकि...
शरद  कोकास
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                                       मनुष्य के मस्तिष्क ने अपने ऐतिहासिक...