बुंदेली कहानीसमझदारी*आज-काल की नईं, बात भौर दिनन की है।अपने जा बुंदेलखंड में चन्देलन की तूती बोलत हती।सकल परजा भाई-चारे कें संगै सुख-चैन सें रैत ती।सेर और बुकरियाँ एकई घाट पै पानी पियत ते।राजा की मरजी के बगैर नें तो पत्ता फरकत तो, नें चिरइया पर फड़फड़ाउत ती।सो ऊ राजा...