ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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Dead Body suddenly vanished!---©Sanjay Grover---Because it never existed.-Sanjay Grover
अविनाश वाचस्पति
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पितृदिवस पर 15 बरस पुरानी एक कविता, अपने काव्यसंकलन "मैं चल तो दूँ" (2005) से तुम्हारे वरद-हस्त ©-कविता वाचक्नवी --------------------------मेरे पिता श्री इंद्रजीत देवमेरे पिता !एक दिनझुलस गए थे तुम्हारे वरद-हस्त,पिघल गई बोटी-बोटी उँगलियों की।देखी थी छटपटाहटसुन...
girish billore
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अविनाश वाचस्पति
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मुक्तिका:धूप सुबह कीसंजीव 'सलिल'*                                      &nbs...
seema sachdeva
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http://www.shubhamsachdeva.blogspot.com/बाल कविता:                                   &nbsp...
girish billore
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girish billore
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girish billore
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girish billore
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अविनाश वाचस्पति
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प्रो सत्य सहाय श्रीवास्तव के प्रति श्रृद्धा-सुमन :संजीव 'सलिल'*षट्पदीमौत ले जाती है काया, कार्य होते हैं अमर.ज्यों की त्यों चादर रखी, निर्मल बुन्देली पूज्यवर!हे कलम के धनी! शिक्षादान आजीवन किया-हरा तम अज्ञानका, जब तक जला जीवन-दिया.धरा छतीसगढ़ की ऋण से उऋण हो सकती न...