ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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क्या तुम अच्छा गा सकते हो ?गाकर भीड़ लगा सकते हो ?भीड़ को सम्मोहित करके तुमक्या नारा लगवा सकते हो ?भीड़ तालियां भीड़ ही थप्पड़-ख़ुदको यह समझा सकते हो ?अब तक जो होता आया हैक्या फिर से करवा सकते हो ?तुमसे क्या अब बात छुपाना- क्या तुम घर पर आ सकते हो ?अपने दिल की बात...
Sanjay  Grover
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photo by Sanjay Groverग़ज़लभीड़, तन्हा को जब डराती हैमेरी तो हंसी छूट जाती हैसब ग़लत हैं तो हम सही क्यों होंभीड़ को ऐसी अदा भाती हैदिन में इस फ़िक़्र में हूं जागा हुआरात में नींद नहीं आती हैभीड़, तन्हा से करती है नफ़रतऔर हक़ प्यार पे जताती हैएक मुर्दा कहीं से ले आओभीड़ तो पी...
Kajal Kumar
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Sanjay  Grover
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एक प्रसिद्ध व्यक्ति ट्वीट करता है कि एक सरकारी संस्था ने मुझसे पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी है।कोई पत्रकार उससे नहीं पूछता कि यह रिश्वत किस वजह से मांगी गई है !? वह रिश्वत मांगनेवाले का नाम नहीं बताता। वही टीवी चैनल बताते हैं कि यह व्यक्ति ख़ुद भी रेज़ीडेंशियल इल...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लभीड़ जब ताली देती है हमारा दिल उछलता हैभीड़ जब ग़ाली देती है हमारा दम निकलता हैहमीं सब बांटते हैं भीड़ को फिर एक करते हैंकभी नफ़रत निकलती है कभी मतलब निकलता हैहमीं से भीड़ बनती है हमीं पड़ जाते हैं तन्हामगर इक भीड़ में रहकर बशर ये कब समझता हैवो इक दिन चांद की चमचम के आ...
Sanjay  Grover
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सवा अरब लोग अगर एक हो जाएं तो क्या नहीं कर सकते ?और कुछ नही तो मिलजुलकर चुप तो रह ही सकते हैं।-संजय ग्रोवर14-01-2017