ब्लॉगसेतु

आचार्य  प्रताप
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ये समस्त दोहे आज से ठीक एक वर्ष पूर्व लिखे गए थे | दोहे-------खड़े पंक्ति में हो गए , हाला की थी बात।राशन की होती अगर , बतलाते औकात।।०१।।--------पंक्ति बनाकर मौन सब , खड़े हुए चुपचाप।मधुशाला के सामने , देखो तुम्हीं प्रताप।।०२।।-------बड़े दिनों से बंद थे , मध...
 पोस्ट लेवल : doha दोहे दोहा dohe
Juban-ए- दास्तां
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    जीवन भर नर्तन किया, फिर ली आंखें मूँद ।   गर्म तवे पर नाचती, ज्यों छन-छन-छन बूँद ।।  ****'अंकुर'! मन के कुम्भ में, डाल प्रेम का इत्र । पीकर  महके मित्र बन, सारे शत्रु विचित्र ।।   ****रंच नहीं कटुता कहीं ,ऐसा हो संसार  । तब भव - सागर पार हो, तेरा-मेरा प्यार  ।।...
 पोस्ट लेवल : Bihari dohe दोहे Dohe Hindi Kavita
sivind singh
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संत कबीर के दोहे अर्थ सहित  ( Kabir ke dohe )  kabir ke dohe arth sahit संत कबीर जी के दोहे पढ़ने से पहले एक बार अपने मन से उनके चरणों शीश झुका लें ,आप बहुत सौभाग्यशाली है जो आपको संतो की वाणी  पढ़ने का मौका मिल रहा है ,इस से आपके कितने पाप नष्ट हो जाय...
 पोस्ट लेवल : KABIR KE DOHE
sanjiv verma salil
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दोहा दुनिया *मटक-मटक जो फिर रहे, अटक रहे हर ठौर। सटके; फटक न सफलता, अटकें; करिए गौर।।*कृष्णा-कृष्णा सब करें, कृष्ण हँस रहे देख द्रुपदसुता का नाम ले, क्यों मेरा उल्लेख?*कंकर भी शंकर बने, कर विराट का संगरंग नहीं बदरंग हो, अगर करो सत्संग*प्राण गए तो देह...
 पोस्ट लेवल : दोहे dohe
sanjiv verma salil
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मुक्तक खिलखिलाती रहो, चहचहाती रहो जिंदगी में सदा गुनगुनाती रहोमेघ तम के चलें जब गगन ढाँकनेसूर्य को आईना हँस दिखाती रहो*गए मिलने गले पड़ने नहीं,पर तुम न मानोगे.दबाने-काटने के जुर्म में, बंदूक तानोगे.चलाओ स्वच्छ भारत का भले अभियान हल्ला कर-सियासत कीचड़ी कर, ह...
sanjiv verma salil
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द्विपदी / दोहे*गौर गुरु! मीत की बातों पे करो दिल किसी का दुखाना ठीक नहीं*श्री वास्तव में हो वहीं, जहां रहे श्रम साथजीवन में ऊन्चा रखे श्रम ही हरदम माथ*खरे खरा व्यव्हार कर, लेते हैं मन जीतजो इन्सान न हो खरे, उनसे करें न प्रीत.*गौर करें मन में नहीं, 'सलिल' तनिक...
 पोस्ट लेवल : dwipadi/dohe द्विपदी / दोहे
sanjiv verma salil
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'शब्द' पर दोहे*अक्षर मिलकर शब्द हों, शब्द-शब्द में अर्थ।शब्द मिलें तो वाक्य हों, पढ़ समझें निहितार्थ।।*करें शब्द से मित्रता, तभी रच सकें काव्य।शब्द असर कर कर सकें, असंभाव्य संभाव्य।।*भाषा-संस्कृति शब्द से, बनती अधिक समृद्ध।सम्यक् शब्द-प्रयोग कर, मनुज बने मतिवृद्ध।।...
 पोस्ट लेवल : शब्द दोहे shabd dohe
sanjiv verma salil
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दोहे- नाम अनामसंजीव*पूर्वाग्रह पाले बहुत, जब रखते हम नामसबको यद्यपि ज्ञात है, आये-गये अनामकैकेयी वीरांगना, विदुषी रखा न नाममंदोदरी पतिव्रता, नाम न आया कामरास रचाती रही जो, राधा रखते नामरास रचाये सुता तो, घर भर होता वामकाली की पूजा करें, डरें- न रखते नामअंगूरी रख ना...
 पोस्ट लेवल : नाम naam दोहे dohe
sanjiv verma salil
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दोहे सर्वोदय को भूलकर, करें दलोदय लोग. निज हित साधन ही हुआ, लक्ष्य यही है रोग. *क्रांति करें संपूर्ण, यह मिलकर किया विचार.सत्ता पाते ही किए, भ्रांति भरे आचार.*http://divyanarmada.blogspot.in/
 पोस्ट लेवल : दोहे dohe
sanjiv verma salil
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भोर पर दोहे*भोर भई, पौ फट गई, स्वर्ण-रश्मि ले साथ।भुवन भास्कर आ रहे, अभिनंदन दिन-नाथ।।*नीलाभित अंबर हुआ, रक्त-पीत; रतनार।निरख रूप-छवि; मुग्ध है, हृदय हार कचनार।।*पारिजात शीरीष मिल, अर्पित करते फूल।कलरव कर स्वागत करें, पंछी आलस भूल।।*अभिनंदन करता पवन,...
 पोस्ट लेवल : दोहे भोर dohe bhor