ब्लॉगसेतु

सतीश सक्सेना
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रोज सुबह एकाग्रचित्त होकर टहलने / दौड़ने निकलना तभी संभव होगा जब आपमें एक धुन या जिद बन जाए कि मैंने मरते समय तक अपने शरीर को फुर्तीला बनाये रखना है यकीनन बीमारियां आपके खूबसूरत गठे हुए शरीर के निकट नहीं आएँगी , वे सिर्फ सुस्त शरीर के मालिकों को ही ढूंढती हैं ! मेडि...
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सतीश सक्सेना
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-मानव के लिए सबसे आवश्यक उदासी और अकेलेपन से मुक्ति है इसके साथ साथ उसे बंधन मुक्त होकर हंसना सीखना होगा ! प्रसन्नचित्त मन से ही संकल्प लेना आसान होगा अन्यथा सब प्रयास विफल होंगे !-मृत्युभय निकालना होगा अगर ऐसा न कर सके तो बढ़ती बीमारियों का बोझ कम न होकर बढ़ता ही जा...
 पोस्ट लेवल : healthblunders
सतीश सक्सेना
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-मन और देह को इतना खुश रखना कि कष्टों को याद करने का समय ही न बचे-दिन में धूप और रात में नींद का आनंद लेना-जब भी भूख लगे प्राकृतिक जल पीना-हाथ पैरों को क्रियाशील बनाये रखना, गौर करें कि यह हिलाने के लिए ही बनाये गए हैं ताकि शारीरिक मशीन बेहतरीन काम करते हुए सौ वर्ष...
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