ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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इधर १५० किमी दूर एक मित्र के घर जाने के लिए ड्राईव कर रहा था. पत्नी किसी वजह से साथ न थी तो जीपीएस चालू कर लिया था. वरना तो अगर पत्नी साथ होती तो वो ही फोन पर जीपीएस देखकर बताती चलती है और जीपीएस म्यूट पर रहता है. कारण यह है कि जीपीएस में यह सुविधा नहीं होती है न क...
समीर लाल
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कनाडा में प्रधान मंत्री जब भी जनता को संबोधित करते हैं तो अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों में बोलते हैं।आज जब ऐसी आपदा आई हुई है तो रोज सुबह जनता को संबोधित करके बताते हैं की सरकार क्या कर रही है? क्या योजनाएं हैं? जो घोषणाएं हुई हैं उस पर कैसे और कितना अमल हो गया है, कित...
समीर लाल
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हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वो महान कहलाये, अभी न भी सही, तो कम से कम मरणोपरांत.हमारे एक मित्र तो इसी चक्कर में माला पहन कर अगरबत्ती समाने रखकर तस्वीर खिंचवा कर घर में टांग दिये हैं कि घर में टंगी रहेगी. कोई माला पहनाये न पहनाये, अगरबत्ती जलाये न जलाये, तस्वीर म...
समीर लाल
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कल एक जरुरी काम से नेता जी के घर जाना हुआ. वहीं से उनकी डायरी का पन्ना हाथ लग गया, साहित्यकार बनने की फिराक में लगा शिष्टाचारी लेखक हूँ सो इस मैदान के सामान्य शिष्टाचारवश चुरा लाया. बहुत ही सज्जन पुरुष हैं. सच बोलना चाहते हैं मगर बोल नहीं पाते. देखिये, उनका आत्म मं...
समीर लाल
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कायल एक ऐसी विकट और विराट चीज है जो कोई भी हो सकता है, कभी भी हो सकता है, किसी भी बात से हो सकता है और किसी पर भी हो सकता है.मैने देखा है कि कोई किसी की आवाज का कायल हो जाता है, कोई किसी की सुन्दरता का, कोई किसी के लेखन का, कोई किसी के स्वभाव का, कोई किसी के नेतृत्...
समीर लाल
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बिजली विभाग औरउसकी रहवासी कॉलिनियोंसे मेरा बड़ाकरीब का साबकारहा है. पिताजी बिजली विभागमें थे और हम बचपनसे ही उन्हींकॉलिनियों में रहतेआये.मैने बहुत करीबसे बिजली सेखम्भों को लगते देखा है, एक से एक ऊँचे ऊँचे. उच्च दाब विद्युतवाले लंबे लंबेखम्भे और टॉवर भी, सबलगते देखें...
समीर लाल
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काश!! आशा पर आकाश के बदले देश टिका होता!! वैसे सही मायने में, टिका तो आशा पर ही है.जिन्दगी की दृष्टावलि उतनी हसीन नहीं होती जितनी फिल्मों में दिखती है. इसमें बैकग्राऊंड म्यूजिक म्यूट होता है, वरना तो जाने कब के गाँव जाकर बस गये होते. मुल्ला मचान पर बैठे, खेतों में...
समीर लाल
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बचपन से ही मैं बाँये हाथ से लिखता था. लिखने से पहले ही खाना खाना सीख गया था, और खाता भी बांये हाथ से ही था. ऐसा भी नहीं था कि मुझे खाना और लिखना सिखाया ही बाँये हाथ से गया हो लेकिन बस जाने क्यूँ, मैं यह दोनों काम ही बांये हाथ से करता.पहले पहल सब हँसते. फिर डाँट पड़न...
समीर लाल
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बचपन से परिचित - हम सहपाठी थे दर्जा आठ तक.फिर उसकी पढ़ाई की रफ्तार शनैः शनैः मद्धम पड़ गई और ११ वीं तक आते आते उसकी शिक्षा यात्रा ने उस वक्त के लिये दम तोड़ दिया.अक्सर मौहल्ले के चौराहे पर खड़ा दिखता ४-६ आवारा लड़कों के साथ. किसी ने बताया कि अब वो छोटी मोटी चोरी की वारद...
समीर लाल
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कोई सुन्दर बाला आपसे कहे कि वो २०-२० मैच में हिस्सा लेकर लौट रही है, तो सीधा दिमाग में कौंधता है कि चीयर बाला होगी. किसी के दिमाग में यह नहीं आता कि हो सकता है महिला लीग का २०-२० खेल कर लौट रही हो. वही हाल हमारा होता जा रहा है जब शाम हमारे घर लौटते समय कोई मिल जाये...