ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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इस बार देश में ऐसी भीषण गर्मी पड़ी कि अच्छे अच्छों की गरमी उतार कर रख दी.चुनाव की गरमी उतरी और बस, सूरज महाराज ने कमान थाम ली. मीडिया से कहने लगे कि अब हमें कवरेज दो. टीआरपी का मजा तुम लूटो और जबरदस्त कवरेज के कारण सेलीब्रेटी होने का मजा हम लूटेंगे. बस, फिर क्या था...
समीर लाल
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अगर आपको यह लगता है कि बुद्धिजीवी बुद्धिमान होता है तो यह आपकी गलतफहमी हैं. बुद्धिजीवी और बुद्धिमानी का वो ही रिश्ता होता है जैसा कि जगमग रोशन ईमारतों का अपनी घुप्प अंधेरी नींव से होता है. बड़ी बड़ी बेवकूफियों की आधारशीला पर इन ऊँचे बुद्धिजीवियों के गुंबद खड़े है.मूलत...
समीर लाल
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चुनाव के परिणाम आ गये हैं. जनता ने अपना आदेश दे दिया है. टीवी पर तो सभी नेताओं ने इसे जनादेश कहते हुए सर माथे से लगा लिया है. यही एक मात्र दिन होता हैं जब जनता को आदेश देने की अनुमति होती है. अब इसके बाद पाँच साल तक वो इस गुस्ताखी की सजा काटती है कि तेरी इतनी हिम्म...
समीर लाल
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भारत गपोड़ियों का देश है. जो गप्पी नहीं हैं, उनकी देश में कोई पूछ नहीं है.ऐसे में एक बड़ी सी गप्प हम भी हाँक ही लें. हुआ यूँ कि जब हमने सहित्यिक कृति ’बाल नरेन्द्र’ पढ़ी, तो हमसे रहा नहीं गया और हम पहुँच गये साहब का साक्षात्कार लेने. सर, आपके बचपन पर लिखी गई ’बाल नरेन...
समीर लाल
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सुजलाम सुफलाम, मलयज शीतलाम//शस्यश्यामलाम, मातरम//शुभ्रज्योत्स्ना पुलाकितायामिनिम//फुल्लाकुसुमिता द्रुमदला शोभिनीम//सुहासीनीम, सुमधुर भाषिणीम//सुखदम, वरदाम, मातरम//तिवारी जी भाव विभोर हुए मंच से आँख मींचे पूरे स्वर में गीत गा रहे थे. वे ’भाषा का स्तर और संयमित भाषा...
समीर लाल
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देश में चक्रवाती तूफान आया है. ऐसा नहीं है कि बिना बताये चुपचाप से चला आया हो. मौसम विभाग को पूरी जानकारी होती है. कितने बजे आयेगा. कहाँ से शुरु होगा, किन राहों से गुजरता हुआ कहाँ पर खत्म होगा. कितनी रफ्तार से गुजरेगा. सभी जानकारी दे दी जाती है. तैयारियाँ भी भरपूर...
समीर लाल
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नव रात्रे चल रहे हैं.आजकल घन्सु मौन धरे हैं. नंगे पाँव रहते हैं. सुबह एक गिलास दूध पीते हैं. फिर सारा दिन पूजा पाठ में लिप्त रहते हैं. शाम को आदतानुसार चौक पर आते हैं पान की दुकान पर, मगर जुबान से बोलते कुछ नहीं, बस आँख से बतियाते हैं. बात बात पर मुंडी मटकाते हैं न...
समीर लाल
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तिवारी जी और घंसु देश की दोनों बड़ी पार्टियों का और तमाम आंचलिक पार्टियों का घोषणा पत्र पढ़ पढ़ कर तय कर रहे हैं कि किसमें से कौन सा हिस्सा उठाना है. इस तरीके से वो एक नया घोषणा पत्र तैयार कर रहे हैं. तिवारी जी और घंसु ने मिलकर गैर मान्यता प्राप्त एक नई पार्टी बना ली...
समीर लाल
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यह उस आलेख का विस्तार है जो सन २००७ में लिखा था. माँ के गुजर जाने के पश्चात पहली बार पिता जी अकेले कनाडा आये हुए थे मेरे पास. समय भी अजब शै है. जब हम चाहते हैं कि जल्दी से कट जाये तो ऐसा रुकता है कि पूछो मत और जब चाहें कि थमा रहे, तो ऐसा भगता है कि पकड़ ही नहीं आ पा...
समीर लाल
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युवा अवस्था क्रांतिकारी होती है. क्रांति भी ऐसी कि बस विरोध करना है एक बड़ी भीड़ का. इस चक्कर में वो गाँधी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को नकार देता है. नेहरु के राष्ट्र निर्माण को नकार देता है. वो इतने विश्वास से यह बात कहता है कि अगर गाँधी ने नेहरु की जगह पटेल क...