ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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तिवारी जी सुबह सुबह पान के ठेले पर बैठे हमेशा की तरह बोल रहे थे:वो धूल से उठे थे लेकिन माथे का चन्दन बन गए. वो व्यक्ति से अभिव्यक्ति और इससे आगे बढ़कर शब्द से शब्दब्रह्म हो गए. वो विचार बनकर आए और व्यवहार बनकर अमर हुए. घन्सु बोला वाह!! वाह!! जबरदस्त रचना अब हम...
समीर लाल
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आजकल फुटबॉल का विश्वकप चल रहा है. सब फुटबॉलमय हुए हैं. खेलों का बुखार ऐसा ही होता है. फीफा के सामने बाकी सब फीका पड़ गया है. सट्टेबाजी चरम पर है. ज्ञान बांटने वाले सुबह से पान की दुकान पर चौकड़ी लगाये बैठे हैं. किस खिलाड़ी ने क्या गल्ती करी, ये बात तिवारी जी बताते बता...
समीर लाल
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आज पान की दुकान पर तिवारी जी बता रहे थे कि उनके मोहल्ले के ९० प्रतिशत घरों में अब भूत नाचा करते हैं. सभी घरों के बच्चे बड़े शहरों या विदेशों में जाकर बस गये हैं. किसी के यहाँ दोनों बुजुर्ग और किसी के यहाँ एक बचा, कभी बच्चों के पास चले जाते हैं तो कभी वापस आकर भी तबी...
समीर लाल
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पेट्रोल के तो न जाने कितने इस्तेमाल हैं. वाहन चलाने से लेकर विमान उड़ाने तक सब जगह पेट्रोल इस्तेमाल होता है. होने को तो साफसफाई, जनरेटर आदि में भी होता है, मगर वह इस्तेमाल मुख्य धारा का नहीं है इसलिए वो अगर बैगर जिक्र के भी रह जाये तो कोई फरक नहीं पड़ता. जैसे किसी ने...
समीर लाल
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Published in 7th Quarterly  e-Bulletin – Gyan Vigyan Sarita:शिक्षा dt 1st April’2018एक नया कॉलम : अंदाज ए बयां - समीर लाल ’समीर’ by renowned author in Hindi, settled at Canada.दिल्ली के मच्छर भी अगर बस मलेरिया के कारक हों तो फिर दिल्ली में रहने का क्या फायदा?...
समीर लाल
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कनाडा में रहते हुए इतने बरस बीत जाने के बाद भी गर्मी का नाम सुनते ही भारत का मई, जून का महिना याद आने लगता है. जहाँ भीषण लू याद आती है तो वहीं कूलर और एसी की मस्त ठंडक भी. मच्छरों के डंक याद आते हैं तो साथ ही हिट, ऑल आऊट की टिक्की और कछुआ छाप अगरबत्ती का धुँआ भी या...
समीर लाल
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वक्त चलायमान है और वक्त की चाल के साथ जमाना लगातार बदलता रहता है. बदलते बदलते एक दिन इतना बदल जाता है कि आप भौच्चके से बस देखते रह जाते हैं.उदाहरण के तौर पर, पहले शादी का गठबंधन लड़के और लड़की के घर के बड़े बुजुर्ग मिल बैठ कर पसंद करके तय करते थे. लड़का लड़की माँ बाप की...
समीर लाल
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भारत में मौसम विभाग का मजाक एक जमाने से बनता आया है. किसी पुरानी फिल्म में देखा था कि बंदा अपनी बीबी से कह रहा है कि छाता निकाल कर दे दो, मौसम विभाग ने रेडियो से बोला है कि आज आसमान साफ रहेगा. आजकल नये दावों की मानें तो देश में पिछले ६७ साल में न कुछ हुआ है और न ही...
समीर लाल
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लोकतंत्र में बयानों की बड़ी महत्ता होती है. एक जमाने में दुबई के सहरा में बेली डांस देखा था. नृतकी के शरीर की लचक इतनी ज्यादा थी कि लगता था शरीर में कोई हड्डी है ही नहीं. आज जब इन नेताओं के बयानों को सुनता हूँ और हर थोड़ी देर में उसके बदलते अर्थ के बारे में खबर आती ह...
समीर लाल
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कुछ बयान इसलिए दिये जाते हैं ताकि बाद में माफी मांगी जा सके. बाद में माफी कब मांगना है यह भी माफी मांगने की केटेगरी वाले बयानों की सब केटेगरी पर निर्भर करता है. अगर आपने किसी की मान हानि वाला बयान दिया है तो माफी भी तब मांगना होगी जब अगला लाखों की मान हानि का दावा...