ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
310
मुर्दाघर की रौशन दुनिया कर देंगेतुम जागे तो मुर्दे हत्या कर देंगेलाशें, मोहरे, कठपुतली या भाषणबाज़बड़ा बनाकर तुमको क्या-क्या कर देंगेठगों के झगड़ों में क्या सच क्या झूठ भलाये तो बस हर रंग को धुंधला कर देंगेतुम सोचोगे तुम्हे प्रकाशित कर डालाचारों जांनिब घुप्प...
Sanjay  Grover
310
ग़ज़लबिलकुल ही एक जैसी बातें बोल रहे थेवो राज़ एक-दूसरे के खोल रहे थेतहज़ीब की तराज़ू भी तुमने ही गढ़ी थीईमान जिसपे अपना तुम्ही तोल रहे थेअमृत तो फ़क़त नाम था, इक इश्तिहार थाअंदर तो सभी मिलके ज़हर घोल रहे थेवो तितलियां भी तेज़ थीं, भंवरे भी गुरु थेमिल-जुलके, ज़र्द फूल पे जो...