ब्लॉगसेतु

S.M. MAsoom
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इस्लाम में अल्लाह ने यह कोशिश करने को अहमियत दी है की दुनिया में जितने भी इंसान है सबको इंसानियत के रिश्ते से कम से कम एक एक रखो | झगड़ों और मतभेद से परहेज़ करो और अगर किसी का अक़ीदा आप से टकरा जाय या अलग हो तो उसे...
 पोस्ट लेवल : social issues akhbari
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यह मेरा भारत है जिसपे मुझे गर्व है | जी हाँ अभी एक दिन पहले लखनऊ में एक कश्मीरी व्यापारी को डराने धमकाने और मार पीट का मामला सामने आया जिसकी निंदा सोशल मीडिया से ले के राजनैतिक गलियारों में सभी ने मिल के की | हमारे प्रधानमंत्री हों या राहुल गाँधी सबने एक आवाज़ में...
 पोस्ट लेवल : social issues
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हमारी इंसानियत शायद मरती जा रही है | "जी हाँ सोंचिये ज़रा की कोई शख्स बीमार हो और उसकी इस खता की सजा की वो मशहूर है इस तरह दी जाय की उनकी मरने की खबर फैला दी जाय तो उसे कितनी तकलीफ होती है | एक बार मुनव्वर राणा के इस वीडियो में छुपे दर्द को महसूस करें जो उन...
 पोस्ट लेवल : social issues
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जौनपुर का समाज जिस देश में जिस शहर या गाँव में अधिक ज्ञानी और प्रतिभाशाली लोग बस्ते हैं वही देश शहर या गाँव तरक़्क़ी करता है | यह एक ऐसा सत्य है जिससे इंकार संभव नहीं इसलिए मेरा मानना है की यदि अपने वतन जौनपुर की तरक़्क़ी चाहते हो तो इन ज्ञानियों और प्रतिभाशाली लो...
 पोस्ट लेवल : social issues editorial
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जौनपुर का शाहीपुल अकबर के शासनकाल में मुईन खानखाना ने अकबर के हुक्म से बनवाया जिसपे लिखे लेख इस बात की तरफ इशारा करते हैं की उसका निर्माण चार वर्षों में सन 1564 ईस्वी हुआ | इसका निर्माण दो हिस्सों में हुआ है | यह पुल जौनपुर के दो भागों को जोड़ता है और मुख्य रूप से इ...
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बे शर्म और बे हया लोगो की कभी उनकी नज़र में  बेइज्ज़ती नही होती ! क्यों की उन्हें इज़्ज़त के मायने ही पता नहीं होते | उन्हें तो बस इतना पता होता है हर हाल में जीतना है उसके लिए आख़िरत जाय या हुक्म ऐ खुदा के खिलाफ  जाना पड़े या बेहयाई करनी पड़े और इसी...
 पोस्ट लेवल : Current Issues dosti
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बचपन से सुना और पढ़ा . मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, समाज मैं रहने के लिए अच्छे चरित्र, शील, सद्व्यवहार,  सदाचार आदि की आवश्यकता हुआ करती है. किसी भी समाज के स्थायित्व व वृद्धि तथा विकास के लिए कुछ नैतिक संहिताएं होती हैं. कुछ ऐसी मर्यादा कायम की जाती है जि...
 पोस्ट लेवल : social issues Editorial समाज
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usha Maurya . photo Sabhar rajesh Srivastavआज जब खबर सुनी की ऊषा मौर्या को केवल उनकी ज़मीन ही नहीं मिली बल्कि मंत्री पद भी मिल गया तो मेरे मुँह से अचानक निकल पड़ा "इसे कहते हैं सोशल मीडिया की ताक़त " | भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश ने आज अपने संगठन...
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आज के युग मैं चापलूसी अथवा खुशामद की प्रवृत्ति का बोलबाला है. राजनीती से ले के ब्लॉगजगत तक इसको महसूस किया जा सकता है. इन चापलूसों से बचना अक्सर मुश्किल हो जाया करता है. होशियार इंसान हमेशा जब किसी से तारीफ सुनता है तो एक बार यह अवश्य सोंचता है. क्या मैं सच मैं ऐस...
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हम अपने बच्चों को परवरिश मैं बहुत सी गलत बातों को अनदेखा कर देते हैं. जैसे बचपन मैं हम अपने बच्चों को कभी कभी यह तो कह्देते हैं, झूट बोलना गलत है, बड़ों कि इज्ज़त किया करो, चोरी करना सही नहीं, फरेब देना, मक्कारी  एक बद किरदार इंसान कि पहचान है। लेकिन सिर्फ कह...
 पोस्ट लेवल : Teachings social issues