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sanjiv verma salil
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लघुकथा : सूरज दुबारा डूब गया*'आज सूरज दुबारा डूब गया', बरबस ही बेटे के मुँह से निकला। 'पापा गलत कह रहे हो,' तुरंत पोती ने कहा। 'नहीं मैं ठीक कहा रहा हूँ। ''ठीक नहीं कह रहे हो।' पोती बहस करने पर उतारू दिखी तो बाप-बेटी की बहस में बेटी को डाँट न पड़ जाए यह सोच बहू बोल...
 पोस्ट लेवल : laghu katha suraj लघुकथा सूरज
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लघुकथा :सोई आत्मा *मदरसे जाने से मना करने पर उसे रोज डाँट पड़ती। एक दिन डरते-डरते उसने पिता को हक़ीक़त बता ही दी कि उस्ताद अकेले में.....वालिद गुस्से में जाने को हुए तो वालिदा ने टोंका गुस्से में कुछ ऐसा-वैसा क़दम न उठा लेना उसकी पहुँच ऊपर तक है।फ़िक्र न करो, मैं न...
 पोस्ट लेवल : laghu katha लघुकथा
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लघुकथा धर्म संकट *वे महाविद्यालय में प्रवेश कराकर बेटे को अपनी सखी विभागाध्यक्ष से मिलवाने ले गयीं। जब भी सहायता चाहिए हो, निस्संकोच आ जाना सखी ने कहा तो उन्होंने खुद को आश्वस्त पाया। वह कठिनाई हल करने, पुस्तकालय से अतिरिक्त पुस्तक लेने, परीक्षा के प...
 पोस्ट लेवल : laghu katha लघुकथा
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लघुकथामोहनभोग *'क्षमा करना प्रभु! आज भोग नहीं लगा सका.' साथ में बाँके बिहारी के दर्शन कर रहे सज्जन ने प्रणाम करते हुए कहा.'अरे! आपने तो मेरे साथ ही मिष्ठान्न भण्डार से नैवेद्य हेतु पेड़े लिए था, कहाँ गए?' मैंने उन्हें प्रसाद देते हुए पूछा.पेड़े लेकर मंदिर आ रहा...
 पोस्ट लेवल : laghu katha मोहनभोग लघुकथा
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लघुकथा अकेले *'बिचारी को अकेले ही सारी जिंदगी गुजारनी पड़ी।' 'हाँ री! बेचारी का दुर्भाग्य कि उसके पति ने भी साथ नहीं दिया।''ईश्वर ऐसा पति किसी को न दे।'दिवंगता के अन्तिम दर्शन कर उनके सहयोगी अपनी भावनाएँ व्यक्त कर रहे थे।'क्यों क्या आप उनके साथ नहीं थ...
 पोस्ट लेवल : laghu katha लघुकथा अकेले
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लघु कथाविजय दिवस*करगिल विजय की वर्षगांठ को विजय दिवस के रूप में मनाये जाने की खबर पाकर एक मित्र बोले-'क्या चोर या बदमाश को घर से निकाल बाहर करना विजय कहलाता है?'''पड़ोसियों को अपने घर से निकल बाहर करने के लिए देश-हितों की उपेक्षा, सीमाओं की अनदेखी, राजनैतिक मतभेदों...
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 लघु कथा राष्ट्रीय एकता संजीव *'माँ! दो भारतीयों के तीन मत क्यों होते हैं?'''क्यों क्या हुआ?'''संसद और विधायिकाओं में जितने जन प्रतिनिधि होते हैं उनसे अधिक मत व्यक्त किये जाते हैं.'''बेटा! वे अलग-अलग दलों के होते हैं न.'''अच्छा, फिर दूरदर्शनी पर...
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लघुकथाअंगार*वह चिंतित थी, बेटा कुछ दिनों से घर में घुसा रहता, बाहर निकलने में डरता। उसने बेटे से कारण पूछा। पहले तो टालता रहा, फिर बताया उसकी एक सहपाठिनी भयादोहन कर रही है।पहले तो पढ़ाई के नाम पर मिलना आरंभ किया, फिर चलभाष पर चित्र भेज कर प्रेम जताने लगी, मना करने...
 पोस्ट लेवल : laghu katha angar लघुकथा अंगार
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लघुकथाभवानी*वह महाविद्यालय में अध्ययन कर रही थी। अवकाश में दादा-दादी से मिलने गाँव आई तो देखा जंगल काटकर, खेती नष्ट कर ठेकेदार रेत खुदाई करवा रहा है। वे वृक्ष जिनकी छाँह में उसने गुड़ियों को ब्याह रचाए थे, कन्नागोटी, पिट्टू और टीप रेस खेले थे, नौ दुर्गा व्रत के बाद...
 पोस्ट लेवल : laghu katha bhavani लघुकथा भवानी
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लघुकथारहस्य* एकदा भारत वर्षे न भूतो न भविष्यति देवराज से अधिक शक्तिशाली व्यक्तित्व के नेतृत्व में त्रिलोक की सर्वोत्तम सरकार शासन करती भई।नारद मुनि ने सरकार की सुकीर्ति सुनी तो निकल पड़े सुरेंद्र से अधिक प्रतापी नरेंद्र की मानवंदना करने। मार्ग में भक्तों ने बताया क...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा रहस्य laghu katha rahasya