ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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एक रचनामहिला दिवस*एक दिवस क्यामाँ ने हर पल, हर दिनमहिला दिवस मनाया।*अलस सवेरे उठी पिता सँगस्नान-ध्यान कर भोग लगाया।खुश लड्डू गोपाल हुए तोचाय बनाकर, हमें उठाया।चूड़ी खनकी, पायल बाजीगरमागरम रोटियाँ फूलीखिला, आप खा, कंडे थापेपड़ोसिनों में रंग जमाया। विद्यालय से हम,कार्य...
sangya tandon
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नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पग तल में।पीयूष स्रोत सी बहा करो, जीवन के सुंदर समतल में।।पॉडकास्ट में शामिल गीतजूही की कली मेरी लाडली - दिल एक मंदिरओ माँ - दादी माँनारी हूँ कमज़ोर नहीं - आखिर क्यू नारी जीवन मेहंदी  का बूटा  - मेहंदीमैं नारी...