ब्लॉगसेतु

Khushdeep Sehgal
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एक दौर ऐसा था जब हर पोस्ट पर स्लॉग ओवर ज़रूर देता था...ब्लॉगिंग के सिलसिले में विराम आया लेकिन स्लॉग ओवर का मक्खन हर किसी को याद रहा...साथ ही उसकी पत्नी मक्खनी, बेटा गुल्ली और दोस्त ढक्कन भी...अब भी कई जगह से शिकायत मिलती रहती हैं कि मक्खन को कहां भेज दिया...&...
Khushdeep Sehgal
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मक्खन का पठान दोस्त अपनी बीवी की कब्र पर पंखा चलाते हुए ज़ोर जोर से रो रहा था...मक्खन ने हमदर्दी जताई और पूछा....इतनी  मुहब्बत पठान साहब...क्या बात है...पठान... ओ गोचे...क्या बताती...उसने कहा था...मेरी कब्र की मिट्टी सूखने के बाद ही दूसरा निकाह करना...मक्खन......
 पोस्ट लेवल : Hindi Joke makkhan Weeping on grave humor
Khushdeep Sehgal
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मक्खन अपनी कार के दो पहिये अचानक उतारने लग गया...मक्खनी ने कहा...ये क्या कर रहे हो? कार के दो पहिये क्यों उतार रहे हो?मक्खन...चुप कर ज़ाहिल औरत, रही ना पूरी अनपढ़ की अनपढ़...सामने देख बोर्ड पर क्या लिखा है...............................................................
 पोस्ट लेवल : makkhan car wheels humour
Khushdeep Sehgal
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मक्खन से ज़्यादा बहादुर कौन हो सकता है...मक्खन पूरी तरह टुन होकर देर रात को घर लौटा.........................................................................................................................................................................................
 पोस्ट लेवल : drunken makkhan slog over dark humour
Khushdeep Sehgal
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मक्खन और ढक्कन आठवीं में दूसरी बार फेल हो गए................................................................................................................................................................................................................................
 पोस्ट लेवल : hindi humour Suicide makkhan
Khushdeep Sehgal
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मक्खन के पास सिगरेट तो थी, माचिस नहीं थी...बिजली भी नहीं आ रही थी...मक्खन माचिस ढूंढ कर थक गया लेकिन माचिस नहीं मिली...बेचारा क्या करता...मन  को  किसी तरह मना कर और.........................................................................................
 पोस्ट लेवल : candle makkhan humour