ब्लॉगसेतु

मुकेश कुमार
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Add captionएक हम सबकी यानी हमारे एजग्रुप या उससे कुछ पहले की जस्ट कॉलेज वाली जिंदगी हुआ करती थी, उस समय ग्यारहवीं यानी आईएससी भी कॉलेज था। तब पापा मने डांट या पिटाई ही कहलाया करता था। पापा तो रावण होते थे ☺️ (उस समय के सोच के हिसाब से)! बैठे बैठे चिल्लाते थे, या फ...
MediaLink Ravinder
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Tuesday: 12th May 2020 at 10:18 AM Principal Dr. Paramjit Kaur appreciated the students Lalton: 12th May 2020: (Kartika Singh//Education Screen)::                        The students of&nbsp...
 पोस्ट लेवल : BCM Schools Education Happy Mothers Day Email News Mother
S.M. MAsoom
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इमाम सज्जाद अ.स. जिस समय पैदा हुए उस समय आपके दादा इमाम अली अ.स. की इमामत थी, आपने इमाम अली अ.स. की ख़ेलाफ़त के तीन साल और इमाम हसन अ.स. की ख़ेलाफ़त के कुछ महीने देखे हैं, आप 61 हिजरी में आशूर के दिन कर्बला में भ...
 पोस्ट लेवल : mothers day
आदित्य सिन्हा
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माँ  - M for MotherMom - thou art an Epitome of Sacrifice,For you renounced all that thee cherished and once adorned,Willingly and wishfully you decided to pay a matchless price,To give me a being and bring me on this cosmic ground.The very moment you bore me...
 पोस्ट लेवल : Hindi Poetry M #A to Z Challenge Mother
आदित्य सिन्हा
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 I for "India - My Motherland"Aditya Sinha10.04.2020
 पोस्ट लेवल : # A to Z Challenge I for "India - My Motherland" Poetry
उमाशंकर  मिश्र
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उमाशंकर मिश्रTwitter handle : @usm_1984नई दिल्ली, 05 मार्च (इंडिया साइंस वायर): विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक 70 वर्ष की उम्र से पहले होने वाली मौतों के लिए कैंसर एक प्रमुख वजह बनकर उभरा है। हालाँकि, बीमारी के बारे में जागरूकताऔर इसकी शुरुआती पहचान...
अपर्णा त्रिपाठी
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मां तुम अक्सर याद आती होकह नहीं पाती हरदमपर याद बहुत आती होमां तुम अक्सर याद आती होसुबह सबेरे याद आता हैवो सिरहाने तेरे आनाऔर कहना उठना है याकुछ देर और है सो जानावो गरम चाय की प्याली लिएतुम हर सुबह याद आती होमां तुम अक्सर याद आती होगाजर मूली कसते कसतेउंगली...
 पोस्ट लेवल : mother
अपर्णा त्रिपाठी
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जाडा इस बार अपने पूरे जोर पर था। पिछले तीन दिन से बारिश थी कि थमने का नाम ही न लेती थी। मगर गरीब के लिये क्या सर्दी क्या गरमी। काम न करे तो खाये क्या? बारिश में भीगने के कारण सर्दी बुधिया की हड्डियों तक जा घुसी थी। खांसती खखारती चूल्हे में रोटियां सेक रही थी, और का...
 पोस्ट लेवल : childhood poverty mother
MediaLink Ravinder
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 रिश्तों में छुपी रूहानियत और पावन इश्क का अहसास इस कोलाज में जो डिनर की तस्वीर दिख रही है वह धन्यवाद सहित ली गई है आर जे Danish Sait की फेसबुक वाल से अतीत की दुनिया: 7 जनवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::आल इण्डिया रेडियो की उर्दू सर्विस कभी बेह...
 पोस्ट लेवल : Society Whats App FaceBook Women Social Media Mother Friends
Manoj Kumar
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 पोस्ट लेवल : mother's day poem