ब्लॉगसेतु

हर्षवर्धन त्रिपाठी
84
हिंदुस्तान में वामपंथ की बात होते ही, लाख बुराइयों के बाद भी इसे सरोकारी घोषित कर देने वालों की लंबी कतार है। दरअसल, ज्यादातर विकास के किसी भी काम का विरोध करके वामपंथियों ने अपनी छवि ऐसी दुरुस्त की है। लेकिन, अगर थोड़ा ध्यान से देखा जाए, तो शायद की सरोकार और वामपं...
prabhat ranjan
30
'मेकिंग अ मर्डरर' डॉक्युमेंट्री सीरिज देखकर युवा पत्रकार-लेखक अमित मिश्र ने यह लेख लिखा है. अमेरिकी न्याय-व्यवस्था के ऊपर कई सवाल उठाता हुआ. अमित जी फिल्मों की गहरी समझ रखते हैं और एक पेशेवर की तरह समस्या की नब्ज पर उंगली रखना जानते हैं, किसी किस्सागो की तरह नैरेटि...
Kajal Kumar
375
उसे अपनी ज़िंदगी से यूं तो कोई शि‍कायत नहीं थी पर फि‍र भी बहुत से ऐसे सवाल थे जि‍नके जवाब उसके पास नहीं थे; कि‍ताबें थीं कि‍ उनमें अलग-अलग तरह की बातें लि‍खी मि‍लतीं. और उन कि‍ताबों से भी उठते दूसरे सवालों के जवाब देने वाला फि‍र कोई न होता. इसी ऊहापोह में उसने एक ब...