ब्लॉगसेतु

Mahesh Barmate
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तुम्हें वो याद करता हैहाँ! फरियाद करता है।वो इश्क़ में तेरेउस दिन का इंतज़ार करता हैजिस दिन दिल से वो कहेकि वो सिर्फ तुमसे ही प्यार करता है।तेरी हाँ और न का उसे कोई फर्क नहीं है अबकि रूह के आशिक़ के पास कोई शर्त नहीं है अब।कुरबतें उसकी जरूरत नहीं थी कभीबस मुहब्बत में...
मुकेश कुमार
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क्या लिखी जा सकती है कविताजो हो तुम्हे समर्पितजिसके शब्द शब्द मेंतुमसे जुड़ा हर एहसास हो समाहितजैसे, बहती नदी सा कलकल करता बहावऔर दूर तलक फैली हरियालीअंकुरण व प्रस्फुटन की वजह सेदे रही थी सुकून भरी संतुष्टिपर वहींसमुद्र व उसका जल विस्तारबताता है नसुकून से परेजिंदगी...
Jot Chahal
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Running Water ਵਗਦੇ ਪਾਣੀ(Punjabi Poetry Book)WRITER'S NAMERanjot SinghGENREPoetry, Romance, Love PoetryLANGUAGE PunjabiTOTAL PAGES 80E-MAIL Publisher.ranabooks@gmail.comPHONE +1 647 558 3140Book Price 50 INR TO 300 INR(MAX)Google Playbooks&n...
 पोस्ट लेवल : Poems Poetry
मुकेश कुमार
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योग साधना कीचक्र संकल्पना परशरीर में अवस्थितमेरु दंड के हाई वे परआधार से माथे तकदौड़ते भागतेशिराओंधमनियोंतंत्रिकाओंमें स्थित ऊर्जा बिन्दुजैसे दूर तलक सफर के दौरानफास्ट टैग लगी टैक्सीबिना थमेपार करती हुईविभिन्न टोल टैक्स काउंटरों कोयथा,मूलाधारस्वाधिष्ठानमणिपुरअनाहतवि...
Jot Chahal
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Poetry Name: Sister's Love( Bhen Da Pyaar )Poet : Ranjot SinghPoetry Language : PunjabiFirst Publish Date on Blog's : 28-03-2020* ਭੈਣ ਦਾ ਪਿਆਰ *ਅੱਜ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾਂ ਭੈਣ ਲਈਜਿਹਨੇ ਬਚਪਨ ਨਾਲ ਗੁਜ਼ਾਰਿਆ ਏਮੈਥੋਂ ਦੂਰ ਹੋ ਗਈ ਬੇਸ਼ੱਕ ਉਹਤਾਂ ਵੀ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਘਰ ਮੇਰੇ ਉਸਾਰਿਆ ਏ ਯਾਦ ਆ ਜਾਂਦੀਆਂ...
 पोस्ट लेवल : Ranjot Singh Poem Punjabi Language Poetry
दिनेशराय द्विवेदी
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_________ दिनेशराय द्विवेदीएक तरह के लोग सोचते हैं-कोई है जिसने दुनिया बनाईफिर दुनिया चलाईवही है जो दुनिया चला रहा हैवे उसे ईश्वर कहते हैं।दूसरी तरह के लोग सोचते हैं-ऐसा कोई नहीं जो दुनिया बनाए और उसे चलाएदुनिया तो खुद-ब-खुद हैहमेशा से और हमेशा के लिएवह चलती भ...
Jot Chahal
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Best Love Shayari in Hindi and English Font: If you want to get the best love shayari and share it with your friends then We are providing Latest Collection by Writer Ranjot Singh           Love Shayari in Hindi | लव शायरी हिन्दी में …            ...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लअपनी तरह का जब भी उन्हें माफ़िया मिलाबोले उछलके देखो कैसा काफ़िया मिलाफ़िर नस्ल-वर्ण-दल्ले हैं इंसान पे काबिज़यूँ जंगली शहर में मुझे हाशिया मिलामुझतक कब उनके शहर में आती थी ढंग से डाकयां ख़बर तक न मिल सकी, वां डाकिया मिलाजब मेरे जामे-मय में मिलाया सभी ने ज़ह्रतो तू...
Sanjay  Grover
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क्या तुम अच्छा गा सकते हो ?गाकर भीड़ लगा सकते हो ?भीड़ को सम्मोहित करके तुमक्या नारा लगवा सकते हो ?भीड़ तालियां भीड़ ही थप्पड़-ख़ुदको यह समझा सकते हो ?अब तक जो होता आया हैक्या फिर से करवा सकते हो ?तुमसे क्या अब बात छुपाना- क्या तुम घर पर आ सकते हो ?अपने दिल की बात...
मुकेश कुमार
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खिलखिलाहट से परेरुआंसे व्यक्ति की शायद बन जाती है पहचान,उदासियों में जब ओस की बूंदों सेछलक जाते हों आंसूतो एक ऊँगली पर लेकर उनकोये कहना, कितना उन्मत लगता है नाकि इस बूंद की कीमत तुम क्या जानो, लड़की!खिलखिलाते हुए जब भी तुमने कहामेरी पहचान तुम से है बाबूमैंने बस उस स...