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Atul Kannaujvi
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नमस्ते दोस्तों, कुछ कुछ पंक्तियां सालों पहले की लिखी मेल के ड्राफ्ट में दर्ज थीं। आज देखीं तो सोचा कि इन्हें ठीकठाक आकार में ढालकर शेर बनाया जाए। करीब दस मिनट की मशक्कत के बाद ये तीन कुछ मिसरे हो सके। अखबार में काम करता हूं। इस समय आॅफिस जाने का अलार्म बज उठा है। इ...
 पोस्ट लेवल : mother poetry Poem on mother
Atul Kannaujvi
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प्रतीक चित्र।  (साभार) -अतुुुल कन्नौजवीरात भी रफ्ता रफ्ता गुजरने को है, रौशनी आसमां से उतरने को है,बैठने फिर लगीं तितलियां फूल पर, खुशबू—ए—गुल फजां में बिखरने को हैजैसे मौसम बदलने को हलचल हुई, था अजब सा नजारा कोई जादुईदेखकर दिल मचलता रहा...
 पोस्ट लेवल : latest nazm Poetry on moon moon shayari chand par geet
Atul Kannaujvi
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 -अतुल कन्नौजवीइश्क़ ही काफ़ी है इक जान वार देने कोगुजरता वक्त है सबकुछ गुजार देने कोफरिश्ते सीढ़ियां लेकर छतों पे चढते रहेफलक से चांद सितारे उतार देने को,अजीब खेल है दुनिया बनाने वाले काजिंदगी देता है इक रोज मार देने कोसुकून दे दिया रातों की नींद भी दे दीबचा ह...
Atul Kannaujvi
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- अतुल कन्नौजवीऐ फलक थोडी जगह मुझको भी दे तारों के बीचअब मुझे अच्छा नहीं लगता जमींदारों के बीचसच कई दिन तक रखा रहता है बाजारों के बीचझूठ बिक जाता है पलभर में खरीदारों के बीचमुल्क में हरेक सूबे में, यहां तक हर जगहबेवकूफों की हुकूमत है समझदारों के बीचइक बचाती जिंदगी...
Atul Kannaujvi
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जब कभी देने उसे अपना ये दिल जाता हूं मैंइक समंदर सा नदी से जाके मिल जाता हूं मैंज़िस्म अपनी रूह से फरियाद ये करने लगातेरे जाते ही इधर मिट्टी में मिल जाता हूं मैंनफरतों की कैंचियां मुझ पर चलें कितनी मगरवक्त वह दर्जी है जिसके हाथ सिल जाता हूं मैंशाम होते ही अ...
 पोस्ट लेवल : gazal urdu shayari kavita hindi poetry
Atul Kannaujvi
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दूरदर्शन पर कार्यक्रम का संचालन करते शायर अतुल कन्नौजवी व कार्यक्रम में शामिल अन्य शोअरा।दिल का इक ख़्वाब दिल में दबा रह गयामैं उसे उम्रभर चाहता रह गया,उसके जैसा कोई भी दिखा ही नहींजिसकी तस्वीर मैं देखता रह गया,शाम होते ही वो याद आने लगाफिर उसे रातभर सोचता रह...
Atul Kannaujvi
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अतुल कन्नौजवीप्रतीकात्मक चित्र।      फोटो: साभारपूछते क्या हो यूं लेकर सवाल आंखों मेंपढ़ सको पढ़ लो मेरा सारा हाल आंखों मेंदेखना था कि समंदर से क्या निकलता हैबस यही सोच के फेंका था जाल आंखों मेंवो मिरे सामने आती है झुकाए पलकेंहया को रखा है उसने संभाल आ...
Atul Kannaujvi
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— अतुल कन्नौजवीहे मनुष्यता के प्रतिपालक हे प्रति पालक हे मनुष्यताक्या भूल हुई क्या गलती है अब क्षमा करो हे परमपिता।अब राह दिखाओ दुनिया को मुश्किल सबकी आसान करोहे कायनात के संचालक सारे जग का कल्याण करो।ये कैसी विपदा है भगवन कैसा ये शोर धरा पर हैजो सदियों से जीवित है...
Atul Kannaujvi
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इश्क में मुझको क्या क्या बोला जाता हैबेबी बाबू सोना बोला जाता हैलाख सितारों में भी चमक उसी की हैतभी चांद को तन्हा बोला जाता हैबगैर तेरे अब तो जीना मुश्किल हैप्यार में अक्सर ऐसा बोला जाता हैइश्क जिंदगी में चाहे कितने भी करलेकिन सबको पहला बोला जाता हैसहराओं में प्यास...
Atul Kannaujvi
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जो खुद से ज्यादा प्यार करे, आंखों से दिल पर वार करेजिसकी हर अदा निराली हो, जो डर—डर के इज़हार करेनाजुक हथेलियों पर उसका ही नाम दिखाई देता हैहर इक राधा की आंखों में घनश्याम दिखाई देता है...जब नज़र नज़र से मिलती है धड़कन में इजाफ़ा होता हैचढ़ता है रंग इश्क का जब,...
 पोस्ट लेवल : hindi shayari atul ki shayari. urdu nazm love shayari Poetry