ब्लॉगसेतु

Yash Rawat
616
क्‍या होता अगर जो पूरी दिल्‍ली लुटियन जोन होतीहर तरफ चौड़ी-चौड़ी पेड़ों से ढकी सड़कें होती,सब तरफ हरियाली ही हरियाली होतीना तो माचिस के डिबियों जैसे मकान होते हर तरफ खुली-खुली जगह होतीना यूं उबलते उफनते गटर ही होतेन इतनी संकरी बदबूदार गलियां होतीक्‍या होता अगर जो पूरी...
सौरभ शर्मा
598
कुदरत-ए-हस्तीहक़ गिरेबान की खोज मेंआज चला हूँअपने आप की खोज मेंमंज़िल क्या है मेरीक्या मेरा वज़ूद हैइस धरती में मेरा क्याकाम मौज़ूद हैकहाँ वो बाग़-ए-बहिश्तकहाँ असल दर-ए-रसूल है मंज़िल क्या है मेरीक्या मेरा वज़ूद हैआज चला हूँसब दरकिनार करबंद कर उधेड़ बुनबस अप...
manu prakash tyagi
60
हम बुटवल से डेढ बजे चले थे पर साढे सात बजे पोखरा पहुंचे । इस बीच में हमें एक सुंदर सा सूर्यास्त भी देखने को मिला । यहां इस रास्ते में तानसेन नाम का कस्बा और नगरपालिका भी है जो कि बहुत ही सुंदर लोकेशन पर है । तानसेन तक तो चढाई उतराई भी है लेकिन उसके बाद तो काफी किलो...
 पोस्ट लेवल : BIKE TOUR ADVENTURE Nepal ROADS RIVER Nepal yatra
manu prakash tyagi
60
हाईवे पर ज्यादा ट्रैफिक नही था और 12 बजे श्रीधर से चले तो एक बजे तक बढिया से खींचकर बुटवल में खाने के लिये रूके । बुटवल में जिस होटल पर हम रूके वहां पर थाली सिस्टम था और 50 रूपये की थाली में चार रोटी चावल और सब्जी थी । बुटवल से आगे रास्ता कटना था और जिस हाईवे पर स...
 पोस्ट लेवल : BIKE TOUR Nepal ROADS Nepal yatra
manu prakash tyagi
60
। कोहलपुर पहुंचने तक अंधेरा हो गया था और कोहलपुर में जो होटल हैं वो सीधे हाथ पर अंदर को जाकर हैं । यहां पर छोटा सा बाजार है और उसी में एक होटल पर जाकर हमने कमरे की बात की । होटल मालिक ने 600 नेपाली रूपये मांगे और मैने 400 कहे । नही मानने पर हम वापस चल दिये तो उसने...
 पोस्ट लेवल : BIKE TOUR Nepal ROADS Nepal yatra
manu prakash tyagi
60
 नेपाल , एक ऐसा देश जो कई कारणो से हिंदुस्तानियो के लिये आकर्षण का केन्द्र रहता है । हिंदूस्तान में रहने वाले लोगो में से हिंदू धर्म वालो के लिये पशुपतिनाथ मंदिर के लिये तो कई लोगो के लिये हिंदू राष्ट्र होने की वजह से , शौकीन मिजाज लोगो के लिये डांस बार और कैस...
 पोस्ट लेवल : BIKE TOUR Nepal ROADS Nepal yatra
manu prakash tyagi
60
lotus pond in mayabunder इसी बस के पीछे आनंदा नाम की एक्सप्रेस बस भी आ गयी । इस बस का टिकट 85 रूपये तो उसका 185 रूपये था डिगलीपुर तक जाने का । उस बस में सीट भी नही दिख रही थी इसलिये हमने ज्यादा ध्यान भी नही दिया । ये बस सारी खाली थी और कुछ सवारी इसमें आगे रास्ते मे...
 पोस्ट लेवल : ANDAMAN travel with bus ROADS
manu prakash tyagi
60
जरावा क्षेत्र से निकलने पर आराम सा लग रहा था । हम ऐसे खुश थे जैसे जेल से निकल आये हों । एक बहुत बडा बंधन था । जो भी कुछ रास्ते में आये उसका फोटो लेने की कोशिश भी नही कर सकते जबकि देखने के लिये भी जरावा आदिवासी बस एक झलक भर मिले थे । बारातांग में हमें मड वोलकिनो यान...
 पोस्ट लेवल : ANDAMAN travel with bus ROADS
manu prakash tyagi
60
वापसी में स्पीड बोट से फिर से बारातांग के लिये जाने में एक ही बात की कमी दिखायी दी कि इन स्पीड बोट में सूरज की लपलपाती किरणो से बचाव के लिये कैनोपी नही होती है । बारातांग जेटटी पर पहुंचने के बाद हमें अब इंतजार करना था अगले कानवाई के पहुंचने का । चूंकि कानवाई के चार...
 पोस्ट लेवल : ANDAMAN travel with bus ROADS
manu prakash tyagi
60
अंडमान का एयरपोर्ट दिल्ली, मुम्बई या फिर चेन्नई जैसे मैट्रो सिटीज के एयरपोर्ट के मुकाबले काफी छोटा है लेकिन यहां का रनवे इन सबसे सुंंदर है । एयरपोर्ट छोटा होने की वजह से हमें अपना सामान लेने में ना तो ज्यादा समय लगा और ना ही एयरपोर्ट से निकलने में । बाहर निकलकर हमे...
 पोस्ट लेवल : ANDAMAN travel with bus ROADS